{"_id":"6ad22d248b39cec5e102bccd","slug":"30-children-fall-ill-after-consuming-milk-and-bananas-betul-news-c-1-1-noi1569-4840295-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैतूल: दूध-केला खाने के बाद 30 बच्चों की बिगड़ी तबीयत, एक संस्था ने बांटा था नाश्ता; खाते ही होने लगी उल्टियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैतूल: दूध-केला खाने के बाद 30 बच्चों की बिगड़ी तबीयत, एक संस्था ने बांटा था नाश्ता; खाते ही होने लगी उल्टियां
Fri, 16 Oct 2026 10:42 PM IST
बैतूल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल
Published by: बैतूल ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2026 10:42 PM IST
सार
बैतूल जिले के भीमपुर ब्लॉक के भाडरीढाना गांव में दूध-केला खाने के बाद करीब 30 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को उल्टी और घबराहट की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक उपचार के बाद सभी की हालत खतरे से बाहर है। प्रशासन ने दूध का सैंपल जांच के लिए भेजा है।
विज्ञापन
दूध-केला खाने के बाद 30 बच्चों की बिगड़ी तबीयत
विस्तार
बैतूल जिले के भीमपुर ब्लॉक से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। भीमपुर ब्लॉक के भाडरीढाना गांव में दूध-केला खाने के बाद करीब 30 बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक कुटीर संस्था द्वारा बच्चों को नाश्ते में दूध-केला वितरित किया गया था। बताया जा रहा है कि दूध-केला खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी और घबराहट की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते कई बच्चों की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भीमपुर में भर्ती कराया। एक साथ इतने बच्चों के बीमार होने की सूचना मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सीएमएचओ डॉ. संजीव शर्मा खुद भीमपुर अस्पताल पहुंचे और बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों से बच्चों के उपचार को लेकर चर्चा की और बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- त्विषा शर्मा केस: सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर लगाई रोक, प्रतिवादियों से मांगा जवाब
विज्ञापन
कलेक्टर ने भी मामले की जानकारी ली है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चों को दूध-केला खाने के बाद उल्टी और घबराहट की शिकायत हुई थी। हालांकि राहत की बात ये है कि प्रारंभिक उपचार के बाद अब सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। सभी बच्चे फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। वहीं इस घटना के बाद कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं कि आखिर दूध-केला खाने से ही बच्चों की तबीयत क्यों बिगड़ी? क्या दूध-केले की गुणवत्ता में कोई कमी थी। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संस्था द्वारा वितरित किए गए दूध का सैंपल लिया है और उसे जांच के लिए लैब भेजा है। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आखिर बच्चों की तबीयत बिगड़ने का असली कारण क्या था। फिलहाल प्रशासन ने संस्था को लेकर जांच शुरू कर दी है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
