{"_id":"6679a0f3a52ff5500f054ea0","slug":"balaghat-news-former-mla-samrite-surrendered-supreme-court-rejected-appeal-against-sentence-2024-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balaghat News: पूर्व विधायक समरीते ने किया आत्मसमर्पण, सजा के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज की थी अपील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balaghat News: पूर्व विधायक समरीते ने किया आत्मसमर्पण, सजा के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज की थी अपील
Mon, 24 Jun 2024 10:08 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 24 Jun 2024 10:08 PM IST
सार
पूर्व विधायक किशोर समरीते ने आत्मसमर्पण कर दिया है। समरीते की सजा के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय ने अपील खारिज कर दी थी।
विज्ञापन
कोर्ट फैसला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बालाघाट में लांजी क्षेत्र के पूर्व विधायक किशोर समरीते की सजा के खिलाफ दायर अपील सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दी थी। उसके बाद पूर्व विधायक ने सोमवार को जिला न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। न्यायालय ने उन्हें जेल भेजने के आदेश जारी किए।
विज्ञापन
गौरतलब है कि साल 2004 में पूर्व विधायक किशोर समरीते द्वारा अपने 15 से 20 साथियों के साथ मिलकर एसडीएम कार्यालय लांजी में पहुंच वहां पर मौजूद अधिकारियों से मारपीट कर, सरकारी सामान को तोड़फोड़ की गई थी। इसी दौरान शासकीय वाहन को भी तोड़फोड़ कर क्षति पहुंचाई गई थी। इस मामले में लांजी पुलिस द्वारा किशोर समरीते सहित अन्य पर मामला कायम कर चालान डायरी न्यायालय में पेश की गई थी। इस पर विशेष न्यायालय एस्ट्रो सिटी एक्ट के द्वारा 22 दिसंबर 2009 को आरोपी किशोर समरीते व अन्य छह को विभिन्न धाराओं का दोषी पाते हुए दंडित किया गया था।
विज्ञापन
इस सजा के विरुद्ध पूर्व विधायक समरीते द्वारा उच्च न्यायालय में अपील की गई थी। उच्च न्यायालय द्वारा एससी/एसटी की धारा को हटाकर शेष अन्य धाराओं में सजा यथावत रखा गया। इस फैसले के विरुद्ध पूर्व विधायक समरीते द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में अपील की गई थी। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किशोर समरीते की अपील 28 मई 2024 को खारिज करते हुए चार सप्ताह के भीतर न्यायालय में आत्मसमर्पण के आदेश जारी किए थे। इस आदेश के पालन में 24 जून को समरीते ने न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। न्यायालय द्वारा उन्हें जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
