{"_id":"643507ce2fc101ccde03e813","slug":"bajrangi-bhai-jaan-became-katni-collector-reunited-the-estranged-son-with-his-father-2023-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Katni: UP के इमरान के लिए कलेक्टर बने बजरंगी भाई जान, बिछड़े बेटे को पिता से मिलाया, अफसर से लिपटकर रोया बच्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Katni: UP के इमरान के लिए कलेक्टर बने बजरंगी भाई जान, बिछड़े बेटे को पिता से मिलाया, अफसर से लिपटकर रोया बच्चा
Tue, 11 Apr 2023 12:40 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 11 Apr 2023 12:40 PM IST
सार
पिछले छह माह से अपने घर से बिछड़कर कटनी में रह रहे इमरान उत्तरप्रदेश के बेराइच जिले का रहना वाला है, जो खेल-खेल में ट्रेन में सवार होकर कटनी पहुंच गया था।
विज्ञापन
कलेक्टर से लिपटा इमरान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूपी के इमरान के लिए कटनी कलेक्टर बजरंगी भाईजान बने और उसे उसके बिछड़े परिवार से मिलवाया। पहले तो इमरान अपने पिता को देख बेहद खुश हुआ, लेकिन जब पिता ने उसे अपने साथ घर ले जाने के लिए कहा तो परिवार से मिलने की खुशी और अपने साथियों सहित कलेक्टर अवि प्रसाद से दूर जाने से इमरान भावुक हो गया और कलेक्टर से लिपट गया।
पिछले छह माह से अपने घर से बिछड़कर कटनी में रह रहे इमरान उत्तरप्रदेश के बेराइच जिले का रहना वाला है, जो खेल-खेल में ट्रेन में सवार होकर कटनी पहुंच गया था। इस दौरान कटनी की एनजीओ संस्था की नजर उस पर पड़ी। संस्था को बच्चा सिर्फ अपना नाम इमरान बता रहा था, इसके अलावा उसके पास अपने घर से संबंधित कोई जानकारी नहीं थी। तलाशी में उसके पास ऐसा कोई कागज भी नहीं मिला, जिससे उसके बारे में कुछ जानकारी मिल सके। जिसके बाद इमरान को बाल आश्रय गृह में रखकर उसके खाने पीने और शिक्षा की व्यवस्था हुई।
आसरा बालगृह में अधिकांश बच्चों को अपना जन्मदिन की तारीख याद नहीं रहती तो ऐसे आठ बच्चों का जन्मदिन एक जनवरी 2023 में मनाने के लिए कलेक्टर अवि प्रसाद बालगृह पहुंचे थे, इस दौरान कलेक्टर की मुलाकात इमरान से हुई और उसने अपने अम्मी-अब्बू से मिलने की इच्छा जाहिर की थी। कलेक्टर के निर्देश पर ई-गवर्नेंस प्रभारी सौरभ नामदेव ने आधारकार्ड के थम मशीन से बच्चे की जानकारी निकलवाई। इसमें उसका नाम इमरान और उसका रहवास उत्तरप्रदेश का बेराइच जिला निकला। विभागीय टीम ने जैसे-तैसे बच्चे की सूचना परिवार तक सूचना पहुंचाई, जिसे लेने अब्बू कटनी आए और बेटे इमरान को देख बेहद खुश हुए और दोनों ने मिलकर कलेक्टर अवि प्रसाद का आभार व्यक्त किया। वहीं, इमरान भावुक होकर कलेक्टर से लिपट गया इस दौरान कलेक्टर अवि प्रसाद भी उसे दुलार करते दिखे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले छह माह से अपने घर से बिछड़कर कटनी में रह रहे इमरान उत्तरप्रदेश के बेराइच जिले का रहना वाला है, जो खेल-खेल में ट्रेन में सवार होकर कटनी पहुंच गया था। इस दौरान कटनी की एनजीओ संस्था की नजर उस पर पड़ी। संस्था को बच्चा सिर्फ अपना नाम इमरान बता रहा था, इसके अलावा उसके पास अपने घर से संबंधित कोई जानकारी नहीं थी। तलाशी में उसके पास ऐसा कोई कागज भी नहीं मिला, जिससे उसके बारे में कुछ जानकारी मिल सके। जिसके बाद इमरान को बाल आश्रय गृह में रखकर उसके खाने पीने और शिक्षा की व्यवस्था हुई।
विज्ञापन
आसरा बालगृह में अधिकांश बच्चों को अपना जन्मदिन की तारीख याद नहीं रहती तो ऐसे आठ बच्चों का जन्मदिन एक जनवरी 2023 में मनाने के लिए कलेक्टर अवि प्रसाद बालगृह पहुंचे थे, इस दौरान कलेक्टर की मुलाकात इमरान से हुई और उसने अपने अम्मी-अब्बू से मिलने की इच्छा जाहिर की थी। कलेक्टर के निर्देश पर ई-गवर्नेंस प्रभारी सौरभ नामदेव ने आधारकार्ड के थम मशीन से बच्चे की जानकारी निकलवाई। इसमें उसका नाम इमरान और उसका रहवास उत्तरप्रदेश का बेराइच जिला निकला। विभागीय टीम ने जैसे-तैसे बच्चे की सूचना परिवार तक सूचना पहुंचाई, जिसे लेने अब्बू कटनी आए और बेटे इमरान को देख बेहद खुश हुए और दोनों ने मिलकर कलेक्टर अवि प्रसाद का आभार व्यक्त किया। वहीं, इमरान भावुक होकर कलेक्टर से लिपट गया इस दौरान कलेक्टर अवि प्रसाद भी उसे दुलार करते दिखे।
विज्ञापन
