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मध्यप्रदेश: कोविड अस्पताल में बिजली गुल, बैकअप भी फेल, हाईफ्लो सपोर्ट पर चल रहे पूर्व पार्षद की मौत
Sat, 12 Dec 2020 02:17 PM IST
अनिल पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अनिल पांडेय
Updated Sat, 12 Dec 2020 02:17 PM IST
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हमीदिया अस्पताल
- फोटो : सोशल मीडिया
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भोपाल में शुक्रवार रात हमीदिया अस्पताल की कोरोना यूनिट की बिजली गुल हो गई। इसकी वजह से इमरजेंसी बैकअप का सहारा लिया गया, लेकिन सिर्फ 10 मिनट चलने के बाद वह भी बंद गया। ऐसे में अस्पताल में कोरोना वार्डों की बिजली डेढ़ घंटे से ज्यादा ठप रही और कोरोना मरीजों की जीवन रक्षक मशीनें बंद हो गईं। जिसके बाद अस्पताल में कोलाहल मच गया। बिजली न होने की वजह से हाईफ्लो सपोर्ट पर चल रहे दो मरीजों की हालत बिगड़ गई। उन्हें वेंटिलेटर पर लिया गया और साथ ही सीपीआर भी दिया गया। लेकिन कांग्रेस से दो बार पार्षद रहे 67 साल के अकबर खान की रात 10 बजकर 40 मिनट पर मौत हो गई। दूसरे मरीज की भी हालत खराब है।
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10 लाख आता है जनरेटर के रखरखाव का खर्च
अकबर के भाई मेहमूद ने बताया कि जेनरेटर में डीजल न हो पाने के कारण वह चालू नहीं हो पाया था। अस्पताल में शाम 5:58 बजे बिजली चली गई, जो दो घंटे बाद 7 बजकर 45 मिनट पर वापस आई। इस दौरान कोरोना वार्डों में कुल 64 मरीज थे। इनमें से 11 गंभीर मरीजों को आईसीयू वार्ड में रखा गया था। हमीदिया अस्पताल में बिजली बैकअप के लिए जनरेटर लगाए गए हैं। मेन सप्लाई पर कट जाने से जनरेटर अपने आप चालू हो जाता है और बिजली की सप्लाई करने लगता है। लेकिन शुक्रवार को यह बैकअप काम नहीं आया। हमीदिया प्रबंधन इसके रखरखाव और डीजल पर हर साल 10 लाख रुपये खर्च करता है।
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हर दूसरे दिन आता है डीजल
हमीदिया में जनरेटर के लिए हर दूसरे दिन 20 लीटर डीजल आता है, लेकिन शुक्रवार शाम उसमें डीजल नहीं था। जब जनरेटर बंद हो गया तो आनन-फानन में डीजल मंगवाया गया, उसके बाद उसे चालू किया गया। इसके बाद मैकेनिक को घर से बुलाया गया। मैकेनिक रॉयल मार्केट से पार्टस लेकर आया और जनरेटर को सुधारा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
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