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अशोकनगर: 44 लाख रुपये में भटौली ग्राम पंचायत के सरपंच की कुर्सी सौभाग सिंह की हुई! नीलामी से चुना गया सरपंच
Thu, 16 Dec 2021 01:18 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Thu, 16 Dec 2021 01:18 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। इस बीच, अशोकनगर जिले के चंदेरी विकासखंड के भटौली ग्राम पंचायत में सरपंच की कुर्सी का फैसला 44 लाख रुपये की बोली लगने के साथ खत्म हुआ। यह राशि मंदिर में जमा होगी।
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अशोकनगर जिले की ग्राम पंचायत भटौली में बोली लगाकर सौभाग सिंह यादव ने 44 लाख रुपये में हासिल की सरपंच की कुर्सी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में चल रहे पंचायत चुनावों में दिलचस्प मामला सामने आया है। अशोकनगर जिले के चंदेरी विकासखंड के भटौली ग्राम पंचायत के सरपंच की कुर्सी चुनाव से पहले ही 44 लाख रुपये में बिक गई। इसके लिए बाकायदा नीलामी हुई। फिर सौभाग सिंह यादव ने 44 लाख रुपये की बोली लगाकर कुर्सी पर दावा मजबूत किया। उन्हें सबने निर्विरोध सरपंच मान लिया है।
भटौली ग्राम पंचायत के चुनाव पिछले दिनों गांव के राधा-कृष्ण मंदिर में हुए। ग्रामीणों की बैठक हुई। सभी समाज और वर्गों के लोग शामिल हुए। चार लोगों ने सरपंच बनने की इच्छा जताई। 21 लाख रुपये से बोली की शुरुआत हुई और 44 लाख रुपये तक गई। सौभाग सिंह यादव ने बोली जीतकर सरपंच की कुर्सी बिना किसी विरोध के हासिल कर ली। लोकतंत्र में निर्वाचन वोटों के आधार पर होता है। ऐसे में बोली लगाकर किसी को सरपंच चुनना लोकतंत्र को खुली चुनौती है। जिला प्रशासन ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है।
गांव के विकास और मंदिर पर खर्च होंगे रुपये
सरपंच की कुर्सी के लिए जो बोली लगाई गई है, उस राशि का उपयोग गांव के विकास और मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए किया जाएगा। इस राशि से मंदिर के लिए जमीन भी खरीदी जाएगी। सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले सौभाग सिंह का कहना है कि सरपंच चुनाव में शराब एवं दूसरी चीजों पर खर्च होता है। उसे रोकने और गांव में शांति बनाए रखने के लिए बोली लगाने का फैसला हुआ था। मैं इस राशि से गांव का विकास करूंगा।
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तीसरे चरण में 14 फरवरी को होना है मतदान
दरअसल, भटौली ग्राम पंचायत चंदेरी जनपद के अंतर्गत आती है। यहां तीसरे चरण में मतदान होगा। इसके लिए अभी नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई। उससे पहले ही मंगलवार को ग्राम पंचायत के रहवासियों ने एक बैठक आयोजित की। यह बैठक मंदिर पर सुबह 11 बजे हुई। इसमें सरपंच पद के उम्मीदवारों को बुलाया गया। बैठक में तय था कि जो भी बोली में हिस्सा लेगा, उसे पांच हजार रुपये जमा करने होंगे। बोली में चार लोगों ने हिस्सा लिया। पहली बोली 21 लाख रुपये से शुरू हुई। बोली 43 लाख रुपये तक पहुंच गई थी, जब सौभाग सिंह यादव ने 44 लाख रुपये की बोली लगा दी। दोपहर के एक बज गए और बोली समाप्त हो गई। सभी ने सौभाग सिंह को निर्विरोध सरपंच चुन लिया। कोई भी इनके सामने चुनाव नहीं लड़ेगा।
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भटौली ग्राम पंचायत के चुनाव पिछले दिनों गांव के राधा-कृष्ण मंदिर में हुए। ग्रामीणों की बैठक हुई। सभी समाज और वर्गों के लोग शामिल हुए। चार लोगों ने सरपंच बनने की इच्छा जताई। 21 लाख रुपये से बोली की शुरुआत हुई और 44 लाख रुपये तक गई। सौभाग सिंह यादव ने बोली जीतकर सरपंच की कुर्सी बिना किसी विरोध के हासिल कर ली। लोकतंत्र में निर्वाचन वोटों के आधार पर होता है। ऐसे में बोली लगाकर किसी को सरपंच चुनना लोकतंत्र को खुली चुनौती है। जिला प्रशासन ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है।
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गांव के विकास और मंदिर पर खर्च होंगे रुपये
सरपंच की कुर्सी के लिए जो बोली लगाई गई है, उस राशि का उपयोग गांव के विकास और मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए किया जाएगा। इस राशि से मंदिर के लिए जमीन भी खरीदी जाएगी। सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले सौभाग सिंह का कहना है कि सरपंच चुनाव में शराब एवं दूसरी चीजों पर खर्च होता है। उसे रोकने और गांव में शांति बनाए रखने के लिए बोली लगाने का फैसला हुआ था। मैं इस राशि से गांव का विकास करूंगा।
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तीसरे चरण में 14 फरवरी को होना है मतदान
दरअसल, भटौली ग्राम पंचायत चंदेरी जनपद के अंतर्गत आती है। यहां तीसरे चरण में मतदान होगा। इसके लिए अभी नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई। उससे पहले ही मंगलवार को ग्राम पंचायत के रहवासियों ने एक बैठक आयोजित की। यह बैठक मंदिर पर सुबह 11 बजे हुई। इसमें सरपंच पद के उम्मीदवारों को बुलाया गया। बैठक में तय था कि जो भी बोली में हिस्सा लेगा, उसे पांच हजार रुपये जमा करने होंगे। बोली में चार लोगों ने हिस्सा लिया। पहली बोली 21 लाख रुपये से शुरू हुई। बोली 43 लाख रुपये तक पहुंच गई थी, जब सौभाग सिंह यादव ने 44 लाख रुपये की बोली लगा दी। दोपहर के एक बज गए और बोली समाप्त हो गई। सभी ने सौभाग सिंह को निर्विरोध सरपंच चुन लिया। कोई भी इनके सामने चुनाव नहीं लड़ेगा।
