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Anuppur News: डॉक्टर की गैरमौजूदगी में गंभीर मरीजों का इलाज, आशीर्वाद अस्पताल सील

Sun, 30 Aug 2026 07:13 PM IST
अनूपपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर Published by: अनूपपुर ब्यूरो Updated Sun, 30 Aug 2026 07:13 PM IST
सार

अनूपपुर के आशीर्वाद चिकित्सालय में महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने औचक निरीक्षण किया। जांच में चिकित्सक की अनुपस्थिति में मरीजों का उपचार और डायलिसिस समेत कई अनियमितताएं मिलीं। अस्पताल में चार मरीज भर्ती मिले, जिन्हें जरूरत के अनुसार जिला अस्पताल भेजा गया। मानकों के उल्लंघन पर अस्पताल को तत्काल बंद कर सील कर दिया गया। 

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Ashirwad Hospital sealed for treating serious patients in absence of doctor
निजी क्लीनिक को सील करने की कार्रवाई करती स्वास्थ्य विभाग की टीम

विस्तार

अनूपपुर जिला मुख्यालय में संचालित आशीर्वाद चिकित्सालय में दो दिन पहले उपचार के दौरान महिला की मौत हुई थी। इसके बाद मामले को संज्ञान में लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चिकित्सक की अनुपस्थिति में मरीजों का उपचार किए जाने सहित कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद अस्पताल को तत्काल प्रभाव से बंद कर सील करने की कार्रवाई की गई।

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जानकारी के अनुसार छील्पा निवासी फुलमत चौधरी पति बिकनू की आशीर्वाद चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर अलका तिवारी ने बताया कि गंभीर हालत में महिला को अस्पताल स्टाफ ने चिकित्सक की मौजूदगी के बिना ही भर्ती कर लिया। उपचार के दौरान लापरवाही के चलते उसकी मौत होने की बात सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू की है।
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निरीक्षण में चार मरीज मिले भर्ती
रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल पहुंचकर विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया और भर्ती मरीजों की जानकारी ली। इस दौरान अस्पताल में चार मरीज भर्ती मिले। इनमें दो मरीज पूर्व से बिना चिकित्सक की मौजूदगी के उपचाररत थे। इसके साथ ही दो मरीज जो कि सामान्य बीमारी से ग्रसित थे उन्हें रविवार को ही भर्ती किया गया था। जांच में सामने आया कि अस्पताल द्वारा उपचार के लिए नियुक्त चिकित्सक जिले से बाहर था और मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल में मौजूद नहीं था। इसके बाद सामान्य दो मरीजों को वापस घर भेज दिया गया तथा जो गंभीर रूप से ग्रसित मरीज थे, उन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में एडमिट कराया गया है।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग को यह भी जानकारी मिली कि 25 अगस्त को तीन मरीजों का डायलिसिस बिना जिम्मेदार चिकित्सक की मौजूदगी के किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और उपचार संबंधी दस्तावेजों की भी जांच की है। चिकित्सकीय सेवाओं में निर्धारित मानकों का पालन नहीं पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल को बंद कर सील कर दिया गया। अस्पताल को सील करने की कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलका तिवारी की मौजूदगी में की गई। इस दौरान पुलिस बल के साथ अन्य चिकित्सक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

निजी क्लीनिक को सील करने की कार्यवाही करती स्वास्थ्य विभाग की टीम

इस अस्पताल पर की गई कार्रवाई। 
 

निजी क्लीनिक को सील करने की कार्यवाही करती स्वास्थ्य विभाग की टीम

अस्पताल को सील कर दिया गया। 

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