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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   animal death due to african swine fever

Damoh: हटा के बाद अब दमोह में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का कहर, हजारों पालतू पशुओं की मौत

Tue, 03 Jan 2023 07:00 PM IST
अर्पित याग्निक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: अर्पित याग्निक Updated Tue, 03 Jan 2023 07:00 PM IST
सार

अचानक हो रही सूअरों की मौत के पीछे विशेषज्ञ अफ्रीकन स्वाइन फीवर को कारण मान रहे हैं। उनका कहना है कि ये संक्रमण तेजी से फैल रहा है। राहत की बात ये है कि संक्रमण इंसानों में नहीं फैलता। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है।

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animal death due to african swine fever
पशुओं की मौत की जानकारी देते पशुपालक। - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

दमोह जिले में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। हटा के बाद जबेरा ब्लॉक के बनवार क्षेत्र में और अब दमोह शहर में भी सैकड़ों पालतू सूअरों की मौत हो चुकी है। हालांकि दमोह में हुई सुअरों के मौत का कारण प्रमाणिक तौर पर स्पष्ट नहीं है, क्योंकि यहां मृत पशुओं की सैंपलिंग नहीं की गई है। माना जा रहा है कि अचानक हो रही सुअरों की मौत अफ्रीकन स्वाइन फीवर के कारण ही हो रही है।

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पशु संचालक डॉक्टर नरेंद्र गुप्ता का कहना है कि इस समय वह बनवार में सूअरों की ट्रेसिंग कर रहे हैं, क्योंकि यहां पर अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि हुई है। दमोह में जो मौतें हुई हैं उसकी जानकारी उन्हें भी मिली है। यहां के बाद वह उस क्षेत्र में जाएंगे और वहां पर परीक्षण करेंगे और सैंपल जांच के लिए भेजेंगे। मंगलवार को शहर के अस्पताल चौराहे के पास कैदो की तलैया निवासी बंशकार समाज के दर्जनों लोग सामने आए। उन्होंने बताया कि उनके हजारों सूअरों की मौत हो चुकी है। पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी थी, तो उन्होंने कहा कि जो सुअर मृत हो चुके हैं उन्हें कहीं एकांत पर ले जा कर फेंक दो।
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पशुपालक कर रहे मदद की गुहार
एक महिला सोना बंशकार ने बताया कि उसके 10 सूअरों की मौत हो गई है, जिन्हें पहाड़ी पर फेंक दिए हैं। करीब डेढ़ लाख का नुकसान हुआ है। गुलबासिया बंशकार ने कहा कि उनके परिवार का यही गुजारा है। गुटईं बंशकार ने बताया कि उसके 17 सूअरों की मौत हो गई है। करीब दो लाख का नुकसान हुआ है। उसने बताया कि उसके पूरे मोहल्ले में करीब 3000 सुअर मृत हुए हैं। अब वह चाहते हैं कि सरकार उनकी मदद करें और उन्हें मुआवजा दे।
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हटा में सबसे पहले हुई थी पुष्टि
बता दें कि 27 दिसंबर को हटा में कुछ पालतू सुअर की अचानक मौत हुई थी, जिनके सैंपल पशु चिकित्सा विभाग ने भोपाल भेजे थे। जांच के बाद उनमें अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने उस क्षेत्र में जाकर एक किलोमीटर एरिया के सभी 150 सूअरों  को केमिकल देकर मार दिया था और उन्हें जमीन में दफना दिया था। इसके बाद बनवार में खबर मिली थी, तो वहां के सूअर के सैंपल लिए थे। फिलहाल बनवार क्षेत्र में कार्रवाई चल रही है।


इंसानों में नहीं फैलता है इसका संक्रमण
पशु चिकित्सा विभाग उप संचालक पशु नरेंद्र गुप्ता का कहना है कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर केवल सूअरों में ही फैलता है। यह संक्रमण इंसानों को संक्रमित नहीं करता है। उन्होंने कहा कि यदि दमोह का कोई भी सुअर किसी दूसरे जिले के सूअरों के पास भी पहुंच जाएगा तो वहां के सभी सूअर संक्रमित हो जाएंगे, लेकिन इंसानों पर इस संक्रमण का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है, इसलिए लोगों को पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है।

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