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एमपी-यूपी के बीच बनेगा नया एक्सप्रेसवे: भोपाल से वाराणसी का सफर सिर्फ 8 घंटे में, 9,850 करोड़ होंगे खर्च
Tue, 15 Sep 2026 09:35 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 15 Sep 2026 09:35 AM IST
सार
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 9,850 करोड़ रुपये की लागत से नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इसके बनने के बाद भोपाल से वाराणसी और सतना से सागर का सफर पहले के मुकाबले काफी आसान और तेज हो जाएगा।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए नए एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा। 9,850 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले इस नए एक्सप्रेसवे के बनने के बाद भोपाल से वाराणसी की दूरी तय करने में केवल आठ घंटे का समय लगेगा। यह मार्ग दोनों राज्यों के बीच परिवहन व्यवस्था को सुगम बनाएगा। नया एक्सप्रेसवे बनने से यात्रियों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। वर्तमान में भोपाल से वाराणसी जाने में काफी समय लगता है, लेकिन इस नए एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यह यात्रा मात्र आठ घंटे में पूरी की जा सकेगी। बुनियादी ढांचा विकास विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह परियोजना क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी।
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यात्रा के समय में होगी भारी कटौती
एक्सप्रेसवे केवल भोपाल और वाराणसी को ही नहीं जोड़ेगा, बल्कि राज्य के आंतरिक शहरों के बीच भी यात्रा को बेहद आसान और तेज बनाएगा। इस एक्सप्रेसवे की मदद से सतना से सागर की दूरी केवल तीन घंटे में तय की जा सकेगी। वर्तमान मार्ग की तुलना में यह नया मार्ग वाहन चालकों को सीधा और बाधा रहित रास्ता प्रदान करेगा।, सतना और सागर के बीच यात्रा समय में तीन घंटे की यह कटौती स्थानीय व्यापार और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी।
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9,850 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत
इस परियोजना के, निर्माण कार्य पर कुल 9,850 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि का उपयोग भूमि अधिग्रहण, आधुनिक सड़क निर्माण, पुलों के निर्माण और उन्नत सुरक्षा प्रणालियों की स्थापना के लिए किया जाएगा। निर्माण प्राधिकरण के अनुसार, परियोजना में उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण मानकों का पालन किया जाएगा। बजट आवंटन के साथ ही इस एक्सप्रेसवे के निर्माण को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
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आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों को गति
नया एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों को उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से जोड़ेगा। मध्य प्रदेश के औद्योगिक और परिवहन रिकॉर्ड के अनुसार, सतना से सागर के बीच तीन घंटे में यात्रा संभव होने से विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, भोपाल, सागर, सतना और वाराणसी के बीच माल ढुलाई और यात्रियों की आवाजाही पहले से काफी तेज और सुरक्षित होगी।
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यात्रा के समय में होगी भारी कटौती
एक्सप्रेसवे केवल भोपाल और वाराणसी को ही नहीं जोड़ेगा, बल्कि राज्य के आंतरिक शहरों के बीच भी यात्रा को बेहद आसान और तेज बनाएगा। इस एक्सप्रेसवे की मदद से सतना से सागर की दूरी केवल तीन घंटे में तय की जा सकेगी। वर्तमान मार्ग की तुलना में यह नया मार्ग वाहन चालकों को सीधा और बाधा रहित रास्ता प्रदान करेगा।, सतना और सागर के बीच यात्रा समय में तीन घंटे की यह कटौती स्थानीय व्यापार और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी।
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9,850 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत
इस परियोजना के, निर्माण कार्य पर कुल 9,850 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि का उपयोग भूमि अधिग्रहण, आधुनिक सड़क निर्माण, पुलों के निर्माण और उन्नत सुरक्षा प्रणालियों की स्थापना के लिए किया जाएगा। निर्माण प्राधिकरण के अनुसार, परियोजना में उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण मानकों का पालन किया जाएगा। बजट आवंटन के साथ ही इस एक्सप्रेसवे के निर्माण को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
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आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों को गति
नया एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों को उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से जोड़ेगा। मध्य प्रदेश के औद्योगिक और परिवहन रिकॉर्ड के अनुसार, सतना से सागर के बीच तीन घंटे में यात्रा संभव होने से विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार, भोपाल, सागर, सतना और वाराणसी के बीच माल ढुलाई और यात्रियों की आवाजाही पहले से काफी तेज और सुरक्षित होगी।
