Khandwa: लाउड होते वॉल्यूम से पहले प्रशासन अलर्ट, खुद के वाहनों का जांचा डेसीबल, अब कार्रवाई के लिए हुआ तैयार
Khandwa: मध्यप्रदेश में लाउडस्पीकर को लेकर लगातार सिसायत लाउड होती जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री के दिए आदेश के बाद प्रदेशभर के धर्म स्थालों से इसकी आवाज कम होती जा रही है। इसको लेकर प्रशासन भी आपसी समन्वय से ही काम करने के मूड में दिखाई दे रहा है, जिसके चलते खंडवा में भी जिला प्रशासन ने अब तक सभी धर्म स्थलों के प्रमुखों को बुलाकर समझाइश दे दी है।
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मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव के शपथ ग्रहण के बाद सबसे पहला आदेश धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर को लेकर दिया गया था। बता दें कि इसके पहले पर्यावरण संरक्षण को ध्यान रखते हुए कोर्ट ने भी लाउड होते इन स्पीकरों की आवाज को कम करने के निर्देश दिए थे। ऐसे में प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के आदेश के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। जिला प्रशासन ने पहले तो सभी धार्मिक संस्थाओं के प्रमुखों को बुलाकर समझाइश दी गई, इसके बाद धार्मिक संस्थाओं के प्रमुखों ने अपने-अपने धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर की संख्या स्वयं ही कम कर दी और उसकी आवाज भी निर्धारित मापदंड के हिसाब से तय कर दी।
इंदौर से बुलाई पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की टीम
जिले के प्रशासनिक अमले ने भी धार्मिक संस्थाओं पर पहुंच कर डेसीबल नापने के पहले खुद के वाहनों पर लगे सायरन और लाउडस्पीकर का डेसीबल नाप कर चेक किया। बता दें की डेसीबल चेक करने के लिए इंदौर से पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के राकेश सिंह बघेल और उनकी टीम को खंडवा बुलाया गया था। इस टीम ने डेसिबल नापने की मशीन से धार्मिक संस्थाओं पर लगे लाउडस्पीकर की जांच की।
वहीं जिले के एडिशनल एसपी राजेश रघुवंशी ने बताया कि शासन के निर्देश जारी हुए हैं। उसके संबंध में अलग-अलग क्षेत्र में ध्वनि का अलग-अलग मानक निर्धारित हैं। उसके मुताबिक ही ऑडियो मीटर मशीन हमारे पास आई है और उसी से हम ध्वनि को चेक कर रहे हैं। अब अलग-अलग धार्मिक स्थान या प्रतिष्ठानों पर जाकर उन्हें बताया जाएगा कि निर्धारित आवाज में ही ध्वनि का विस्तार करें। इसी का डेमो करके उन्हें समझाइश दी जाएगी।
लोगों ने समन्वय से खुद ही उतारे लाउड यंत्र
अपने खुद के वाहनों की जांच के बाद जिले के प्रशासनिक अमले ने भी मौके पर पहुंच कर धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर का जायजा लिया। प्रशासन ने ध्वनि मापक यंत्र के जरिए उनकी लाउड होती आवाज का डेसीबल मापा और उन्हें समझाइश दी कि निर्धारित मापदंड के अनुसार ही आवाज का वॉल्यूम रखें। अगर बढ़ी हुई आवाज की शिकायत मिली तो उन पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। इसे कार्रवाई को लेकर खंडवा एसडीएम अरविंद सिंह चौहान ने बताया कि शासन के आदेश मिलने के बाद से कार्रवाई शुरू कर दी गई थी।
इसके बाद लोगों ने प्रशासन के साथ समन्वय बिठाकर स्वयं से ही ध्वनि विस्तारक यंत्र को उतारना शुरू कर दिया था। आज हमने रैंडम जाकर धार्मिक संस्थाओं पर चेक किया कि शासन के निर्देश अनुसार तय किए गए मापदंडों के अनुसार साउंड सेट है कि नहीं। इसके लिए हमने साउंड मीटर से मौके पर जाकर चेकिंग की है। अभी हमने निर्धारित डेसिबल पर आवाज सेट करने की समझाइए दी है। इसके बाद अगर कोई शासन के नियमों का पालन नहीं करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
