विधायक की मारपीट का मामला गरमाया, समर्थक ने की आत्मदाह की कोशिश, भाजपा बनाएगी रणनीति
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मध्यप्रदेश के इंदौर में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय ने आज क्रिकेट के बल्ले से निगम कर्मचारी की पिटाई कर दी। पुलिस ने विधायक आकाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने विधायक की जमानत खारिज करते हुए उसे सात दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। विधायक तो रात आठ बजे जिला जेल पहुंचा दिया गया।
एक ओर विधायक को जिला जेल भेजा गया तो दूसरी ओर उसके एक समर्थक ने खुद पर केरोसिन डालकर आत्मदाह की कोशिश कर डाली। दरअसल, विधायक आकाश के समर्थक गौरव शर्मा को कोर्ट का यह आदेश हजम नहीं हुआ तो विरोध में उसने आत्मदाह करने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने मशक्कत कर युवक को पकड़ लिया।
कांग्रेस ने की धाराएं बढ़ाने की मांग
दूसरी ओर इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस पार्षद दल ने विधायक आकाश और उसके साथियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई में धाराएं बढ़ाने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने अन्य दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और लापरवाही करने वाले पुलिस कर्मियों को बर्खास्त करने की भी मांग की। अपनी मांगों का ज्ञापन उन्होंने एडीजी वरुण कपूर को सौंपा।
न्यायालय के फैसले के बाद भाजपा बनाएगी रणनीति
इंदौर में हुई इस घटना पर आगे की रणनीति को लेकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह का कल होने वाला दौरा भी टाल दिया गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक न्यायालय के अगले फैसले के बाद पार्टी इस मामले में रणनीति बनाएगी।
'आवेदन, निवेदन फिर दे दनादन'
पिटाई पर मीडिया से बात करते हुए विधायक ने कहा कि ये तो सिर्फ शुरुआत है, हम इस भ्रष्टाचार और गुंडाई को खत्म कर देंगे। हमारी कार्रवाई की लाइन- आवेदन, निवेदन और फिर दे दनादन है। आकाश ने आगे कहा कि नगर निगम के गैंग ने महिलाओं को उनके पैरों से घसीटकर घरों से बाहर निकाला। महिला पुलिस को उनके साथ होना चाहिए था। जब मैं वहां पहुंचा, तो लोगों ने अधिकारियों पर गुस्सा किया।
उन्होंने कहा कि हम स्टेशन में अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने आए हैं।कांग्रेस ने आकाश पर कार्रवाई करने की मांग की है। दरअसल, नगर निगम द्वारा शहर में चिन्हित किए गए 26 अति खतरनाक मकानों को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही थी। बुधवार को जब गंजी कंपाउंड स्थित एक मकान को तोड़ने के लिए नगर निगम की टीम पहुंची तो उनकी बहस आकाश विजयवर्गीय से हो गई।
विधायक आकाश ने नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों को धमकी देते हुए 10 मिनट में वहां से निकल जाने को कहा। बाद में विधायक भड़क गए और उन्होंने क्रिकेट के बल्ले से निगम कर्मचारी पर हमला कर दिया। भवन निरीक्षक धीरेंद्र बायस का कहना है कि वह खाली और जर्जर मकान को गिराने गए थे जब विधायक आकाश और उनके सात-आठ साथियों ने मारपीट कर दी।
