MP News: दमोह में निर्माणाधीन पानी टंकी का स्लैब गिरने से एक मजदूर की मौत, दो घायल
घटना से आक्रोशित परिजनों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। वहीं वे शव जिला कलेक्टर के घर ले जाने लगे। सूचना पर जिला कलेक्टर मौके पर पहुंचे और उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दमोह के जबलपुर नाका चौकी अंतर्गत बेथलेहम कालेज में शुक्रवार की शाम दर्दनाक हादसा हो गया। कॉलेज में निर्माणाधी पानी की टंकी का स्लैब गिरने से तीन मजदूर दब गए। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई।
घटना शुक्रवार रात 7:30 बजे की है। पुलिस और एसडीआरएफ को घटना की जानकारी दी गई थी। सीएसपी अभिषेक तिवारी के साथ पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। दो घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे में दबे तीन मजदूरों को बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल ही इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया है, जहां एक मजदूर बालमुकुंद रैकवार को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। वहीं दो मजदूरों का इलाज चल रहा है।
मजदूर की मौत से गुस्साए परिजनों ने रात करीब 11 बजे अस्पताल के बाहर शव रख कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्रवाई की मांग को लेकर काफी देर तक धरना प्रदर्शन चलता रहा। सूचना पर कलेक्टर प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद शव को वापस शव ग्रह में रखा गया है। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम करने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा। पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
घायल मजदूर यूसुफ खान ने बताया कि बेथलहम कालेज में पानी की टंकी का निर्माण कार्य चल रहा था। जिसमें करीब 50 फीट की ऊंचाई पर सेंटिंग लगी हुई थी। इसी दौरान टंकी का स्लैब नीचे झुक गया और सेंटिंग की बल्ली निकलने लगी। मजदूर अजीज खान और बालमुकुंद रैकवार के साथ बल्ली ठीक कर रहे थे। तभी स्लैब और सेंटिंग इन मजदूरों के ऊपर गिर गई। जिसमें मजदूर दब गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल ही जबलपुर नाका चौकी पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद एसडीआरएफ टीम प्रभारी प्राची दुबे अपने साथियों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन करने मौके पर पहुंची। इस घटना में मजदूर यूसुफ खान और अजीज खान को बाहर निकाला गया। वहीं काफी देर के साथ बालमुकुंद रैकवार को मलबे से बाहर निकलकर उसे भी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शव लेकर कलेक्टर के घर निकल गए परिजन
घटना से आक्रोशित मृतक मजदूर के परिजनों ने सड़क पर शव रख कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद सभी परिजन शव लेकर वहां से कलेक्टर एसकृष्ण चैतन्य के बंगले पर जा रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जिला जेल के पास रोक दिया। वहीं कलेक्टर भी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर चैतन्य ने परिजनों को मामले की पूरी जांच करवाने और ठेकेदार पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। जिला कलेक्टर ने कहा कि शासन की ओर से जितना भी संभव होगा, उतना मुआवजा परिजनों को दिया जाएगा। जिसके बाद मृतक के परिजन शांत हुए।
