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MP News: डिंडौरी में एक दिन का कलेक्टर बना नवमीं का छात्र, जिला अधिकारी ने अनोखे अंदाज में निभाया वादा
Mon, 28 Nov 2022 05:29 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डिंडौरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डिंडौरी
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Mon, 28 Nov 2022 05:29 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के डिंडौरी में कलेक्टर विकास मिश्रा ने सोमवार को कक्षा नवमीं के छात्र रूद्र को कलेक्टर बनाया। दरअसल, कलेक्टर उसके गांव में स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। तब उसने कलेक्टर बनने का सपना बताया था।
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कलेक्टर के साथ छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के डिंडौरी में सोमवार को कलेक्टर कार्यालय कुछ बदला-बदला लग रहा था। कलेक्टर विकास मिश्रा की कुर्सी पर कक्षा नवमीं का छात्र रूद्र प्रताप झारिया बैठा था। वहीं, कलेक्टर पास में खड़े होकर उसे बता रहे थे कि कलेक्ट्रेट में काम कैसे किया जाता है। इसके बाद कलेक्टर ने रूद्र प्रताप को अपने कार्यालय का दौरा भी कराया। यह भी बताया कि कौन क्या और कैसे काम करता है।
दरअसल, कलेक्टर विकास मिश्रा ने शनिवार को धनवासागर के सरकारी मॉडल स्कूल का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने कुछ छात्रों से बातचीत की थी। रूद्र ने इस दौरान कलेक्टर को बताया था कि उसका सपना था कलेक्टर से मुलाकात करने का। वह खुद भी कलेक्टर बनना चाहता है। यह उसका सपना है। उसके माता-पिता उसे कलेक्टर बनने के लिए प्रेरित करते हैं। यह सुनकर विकास मिश्रा को अच्छा लगा और उन्होंने रूद्र से वादा किया था कि उसे एक दिन का कलेक्टर जरूर बनाएंगे और यह मौका भी जल्दी ही आ गया। सोमवार सुबह नौ बजे रूद्र अपने माता-पिता के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंच गया।
प्रशासनिक कार्यों के बारे में बताया
कलेक्टर विकास मिश्रा भी सुबह नौ बजे दफ्तर पहुंच गए थे। उन्होंने रूद्र को अपनी कुर्सी पर बिठाया। उसे यह भी बताया कि प्रशासनिक कार्यों को कैसे किया जाता है। फिर उसे कलेक्टर कार्यालय में मौजूद अलग-अलग विभागों में खुद ही लेकर गए और बताया कि कौन क्या काम करता है। पूरी प्रशासनिक व्यवस्था किस तरह काम करती है।
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पेसा एक्ट का ब्रांड एम्बेसडर बनाएंगे
कलेक्टर विकास मिश्रा ने बताया कि रूद्र को पेसा एक्ट का ब्रांड एम्बेसडर बनाया जाएगा। उसके जरिये गांव-गांव में पेसा एक्ट की जानकारी पहुंचाई जाएगी। कानून के प्रति जागरुकता बढ़ाने में यह अभियान कारगर रहेगा। राज्य सरकार ने 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस पर राज्य में पेसा एक्ट के नियम जारी किए हैं। इसके तहत ग्राम सभाओं को सशक्त बनाया गया है।
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दरअसल, कलेक्टर विकास मिश्रा ने शनिवार को धनवासागर के सरकारी मॉडल स्कूल का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने कुछ छात्रों से बातचीत की थी। रूद्र ने इस दौरान कलेक्टर को बताया था कि उसका सपना था कलेक्टर से मुलाकात करने का। वह खुद भी कलेक्टर बनना चाहता है। यह उसका सपना है। उसके माता-पिता उसे कलेक्टर बनने के लिए प्रेरित करते हैं। यह सुनकर विकास मिश्रा को अच्छा लगा और उन्होंने रूद्र से वादा किया था कि उसे एक दिन का कलेक्टर जरूर बनाएंगे और यह मौका भी जल्दी ही आ गया। सोमवार सुबह नौ बजे रूद्र अपने माता-पिता के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंच गया।
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प्रशासनिक कार्यों के बारे में बताया
कलेक्टर विकास मिश्रा भी सुबह नौ बजे दफ्तर पहुंच गए थे। उन्होंने रूद्र को अपनी कुर्सी पर बिठाया। उसे यह भी बताया कि प्रशासनिक कार्यों को कैसे किया जाता है। फिर उसे कलेक्टर कार्यालय में मौजूद अलग-अलग विभागों में खुद ही लेकर गए और बताया कि कौन क्या काम करता है। पूरी प्रशासनिक व्यवस्था किस तरह काम करती है।
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पेसा एक्ट का ब्रांड एम्बेसडर बनाएंगे
कलेक्टर विकास मिश्रा ने बताया कि रूद्र को पेसा एक्ट का ब्रांड एम्बेसडर बनाया जाएगा। उसके जरिये गांव-गांव में पेसा एक्ट की जानकारी पहुंचाई जाएगी। कानून के प्रति जागरुकता बढ़ाने में यह अभियान कारगर रहेगा। राज्य सरकार ने 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस पर राज्य में पेसा एक्ट के नियम जारी किए हैं। इसके तहत ग्राम सभाओं को सशक्त बनाया गया है।
