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Sagar: हैंडपंप का दूषित पानी पीने से 75 लोग बीमार, उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद 25 को कराया गया भर्ती
Tue, 12 Jul 2022 08:21 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 12 Jul 2022 08:21 AM IST
सार
रावत मोहल्ला और पटैल मोहल्ला स्थित हैंडपंप के पास नाला है। बारिश के दिनों में हैंडपंप नाले का दूषित पानी खींच लेता है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पीएचई विभाग को हैंडपंप के पानी की जांच करने कहा है।
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अस्पताल में भर्ती मरीज
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सागर जिले के बंडा ब्लॉक के ग्राम पिडरुआ में नाले के पास लगे हैंडपंप का दूषित पानी पीने से करीब 75 लोग बीमार हो गए। एक-एक कर के करीब 25 लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गांव में एक साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों के बीमार होने की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कैंप लगाकर लोगों का इलाज शुरू किया। गांव में अब तक 75 लोगों का इलाज किया गया है, जिसमें उल्टी-दस्त से ग्रसित करीब 25 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी का इलाज गांव में ही जारी है।
बताया जा रहा है कि ज्यादातर लोग ग्राम पिडरुआ के रावत और पटेल मोहल्ले में बीमार हुए हैं। यहां 9 जुलाई को लोगों को अचानक उल्टी-दस्त होना शुरू हो गए। लगभग सभी घरों में लोग एक ही तरह की बीमारी से ग्रसित हुए। जिसके बाद गांव में हड़कंप मच गया। मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और मरीजों का इलाज शुरू किया। उल्टी-दस्त से पीड़ित करीब 25 मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि गांव में मौजूद बाकी मरीजों की स्थिति सामान्य है।
नाले के पास लगा है हैंडपंप
बताया जा है कि रावत मोहल्ला और पटैल मोहल्ला स्थित हैंडपंप के पास नाला है। बारिश के दिनों में हैंडपंप नाले का दूषित पानी खींच लेता है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पीएचई विभाग को हैंडपंप के पानी की जांच करने कहा है।
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बीएमओ डॉ. आनंद असाटी ने बताया कि विभाग के अमले के साथ गांव में शिविर लगाकर उल्टी-दस्त के मरीजों की जांच कर इलाज किया जा रहा है, जो गंभीर बीमार हैं, उन्हें जिला अस्पताल और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पिछले तीन दिनों में शिविर में 75 मरीज सामने आए हैं। जिसमें उल्टी-दस्त के 13 मरीज मिले हैं। सोमवार को 11 मरीजों का इलाज किया गया है। सभी मरीजों को दवाइयां दी गई हैं। घर में जाकर टीमें सर्वे कर रही हैं। दवाएं भी बांटी जा रही हैं। साफ-सफाई और काउंसलिंग की जा रही है। ग्रामीणों को उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी गई है।
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बताया जा रहा है कि ज्यादातर लोग ग्राम पिडरुआ के रावत और पटेल मोहल्ले में बीमार हुए हैं। यहां 9 जुलाई को लोगों को अचानक उल्टी-दस्त होना शुरू हो गए। लगभग सभी घरों में लोग एक ही तरह की बीमारी से ग्रसित हुए। जिसके बाद गांव में हड़कंप मच गया। मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और मरीजों का इलाज शुरू किया। उल्टी-दस्त से पीड़ित करीब 25 मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि गांव में मौजूद बाकी मरीजों की स्थिति सामान्य है।
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नाले के पास लगा है हैंडपंप
बताया जा है कि रावत मोहल्ला और पटैल मोहल्ला स्थित हैंडपंप के पास नाला है। बारिश के दिनों में हैंडपंप नाले का दूषित पानी खींच लेता है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पीएचई विभाग को हैंडपंप के पानी की जांच करने कहा है।
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बीएमओ डॉ. आनंद असाटी ने बताया कि विभाग के अमले के साथ गांव में शिविर लगाकर उल्टी-दस्त के मरीजों की जांच कर इलाज किया जा रहा है, जो गंभीर बीमार हैं, उन्हें जिला अस्पताल और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पिछले तीन दिनों में शिविर में 75 मरीज सामने आए हैं। जिसमें उल्टी-दस्त के 13 मरीज मिले हैं। सोमवार को 11 मरीजों का इलाज किया गया है। सभी मरीजों को दवाइयां दी गई हैं। घर में जाकर टीमें सर्वे कर रही हैं। दवाएं भी बांटी जा रही हैं। साफ-सफाई और काउंसलिंग की जा रही है। ग्रामीणों को उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी गई है।
