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MP News: गोबर टैंक में गिरने से चार साल के बच्चे की मौत, बिरला सीमेंट की कॉपरेटिव सोसायटी की डेयरी में हादसा

Thu, 06 Apr 2023 12:18 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Thu, 06 Apr 2023 12:18 PM IST
सार

बिरला डेयरी प्लांट के गोबर टैंक में डूबने से एक चार साल के बच्चे की मौत हो गई। हादसे के बाद से लोगों में प्रबंधन को लेकर गुस्सा है। वहीं, बच्चे की मौत पर प्रबंधन ने परिजनों को तीन लाख का मुआवजा देने की बात कही है।

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4year old child dies after falling into cow dung tank accident in dairy of Cooperative Society of Birla Cement
गोबर टैंक में डूबने से चार साल के बच्चे की मौत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सतना में बिरला डेयरी प्लांट के गोबर टैंक में डूबने से चार साल के बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद से प्रबंधन के प्रति लोगों में गुस्सा है। यहां तनाव के हालात बन गए हैं। जानकारी मिलते ही एसडीएम और सीएसपी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। कंपनी प्रबंधन के प्रतिनिधियों से बातचीत और मुआवजे के आश्वासन के बाद शव को पीएम के लिए भेजा जा सका। जानकारी के अनुसार सतना के कोलगवां थाना अंतर्गत स्थित सतना सीमेंट कंपनी के बिरला डेयरी प्लांट कैंपस के गोबर प्लांट में देवांश गर्ग (4) पुत्र संदीप गर्ग गिर गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। देवांश के पिता संदीप बिरला डेयरी प्लांट में पिछले छह माह से नौकरी कर रहे हैं। पूरा परिवार इसी कैंपस में बने आवास में रहता है। यहां गोबर के बड़े-बड़े टैंक बने हैं। ये टैंक ऊपर से देखने में ऐसे लगते हैं जैसे कोई सूखी हुई सतह हो, लेकिन अंदर दलदल है।
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देवांश के पिता संदीप ने बताया कि बुधवार को वह जैविक खाद सेक्शन में ड्यूटी पर थे। शाम करीब चार बजे पत्नी वंदना ने बताया कि देवांश कहीं दिख नहीं रहा है। मैं भाग कर अपने क्वार्टर पहुंचा और बेटे की तलाश शुरू की। गेट पर सिक्योरिटी गार्ड से भी पूछा, लेकिन वह भी कुछ नहीं बता सका। इस बीच उनकी नजर स्टाफ क्वार्टर के आगे बने गोबर टैंकों की तरफ गई तो वहां चप्पलें पड़ी दिखीं। संदेह हुआ तो पास पड़े लोहे के सरिया को टैंक में डालकर घुमाया, उसमें कुछ फंसा तो सरिए को बाहर निकाला, जिसमें देवांश भी बाहर आ गया। उसकी सांसें चल रही थीं, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उसने दम तोड़ दिया। बिरला अस्पताल में डॉक्टरों ने देवांश को मृत घोषित कर दिया।
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देवांश की मां वंदना का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेटे के माथे और तलवों को छूकर कह रही थी कि शरीर गर्म है, मेरा बेटा जिंदा है। पोस्टमॉर्टम के लिए भी वह बेटे को ले जाने नहीं दे रही थी। बाद में उसे कहा गया कि बेटे को अस्पताल दिखाने ले जा रहे हैं। तब भी वह साथ जाने को तैयार थी, लेकिन अन्य महिलाओं ने उसे किसी तरह रोका। घटना की खबर मिलने के बाद भाजपा नेता सुभाष शर्मा डोली, समाजसेवी धर्मेश चतुर्वेदी, वेद प्रकाश पांडेय पप्पू और सोहावल जनपद के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह बराज समेत तमाम लोग वहां पहुंचे। हादसे से नाराज लोग इस घटना के लिए फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।उन्होंने प्रबंधन के प्रतिनिधियों को बुलाने और मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग शुरू की है।
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घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम नीरज खरे, सीएसपी महेंद्र सिंह और टीआई कोलगवां सुदीप सोनी भी मौके पर पहुंच गए। प्रशासनिक और पुलिस अफसरों ने फैक्ट्री प्रबंधन से बातचीत की। घंटों चली चर्चा के बाद इस बात पर सहमति बनी कि प्रबंधन अंत्येष्टि के लिए 30 हजार रुपये और तीन लाख रुपए मुआवजा देगा। मृतक के भाई की 12वीं तक की पढ़ाई का खर्च उठाएगा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देगा। इसके बाद ही शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा सका।

बिरला डेयरी प्लांट के कैम्पस में बने स्टाफ क्वार्टर के आगे बने गोबर के टैंक मुहाने तक भरे हैं। ऊपर से देखने में ऐसा लगता है जैसे इनकी ऊपरी सतह सूखी हुई हो, लेकिन अंदर दलदल है। डेयरी प्रबंधन ने रेलिंग अथवा जाली भी नहीं लगा रखी है, जबकि यहीं स्टाफ भी परिवार सहित रहता है। यहां कुछ दूरी पर सीसीटीवी कैमरा लगा रखा है, लेकिन वह भी तिरपाल से ढंका हुआ मिला।

भाजपा नेता सुभाष शर्मा डोली ने मासूम की मौत के लिए सतना सीमेंट और बिरला डेयरी प्रबंधन को जिम्मेदार करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने बड़े- बड़े टैंक खुले छोड़ रखे हैं। सुरक्षा के लिए जाली तक नहीं लगाई गई है, जबकि उन्हीं टैंक के पास स्टाफ क्वार्टर भी हैं। समाजसेवी धर्मेश चतुर्वेदी ने कहा कि डेयरी प्रबंधन स्टाफ की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहा है। मासूम की मौत प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा है।


एसडीएम नीरज खरे ने कहा कि प्रशासन की तरफ से प्रकरण तैयार कर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। सतना कलेक्टर अनुराग वर्मा ने मानव जीवन के लिए खतरनाक कुएं, बावड़ी, टैंक और बोरवेल पर धारा 144 लगा रखी है। इस दृष्टि से भी जांच कराई जाएगी। सीएसपी महेंद्र सिंह ने कहा कि मासूम की मौत के मामले की जांच हर बिंदु को ध्यान में रख कर की जाएगी। दोषियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई भी होगी।
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