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Lucknow News: सड़क हादसों में युवक व महिला की मौत
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रजनेश।
- फोटो : रजनेश।
लखनऊ। ठाकुरगंज के रिंग रोड इलाके में बृहस्पतिवार को अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार रजनेश (32) की मौत हो गई। वहीं, हजरतगंज इलाके में सड़क हादसे में घायल सुनीता देवी (45) की इलाज के दौरान ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई।
मूल रूप से उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र के नेवरा घाट निवासी रजनेश दुबग्गा के सलेमपुर पतौरा में दोस्तों के साथ किराये के मकान में रहते थे और एचएएल में संविदा चालक थे। उनके बड़े भाई दिलीप ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात तक रजनेश कमरे पर नहीं पहुंचे तो रूममेट शानू ने उनके मोबाइल पर फोन किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। इसके बाद शुक्रवार सुबह छह बजे दोबारा फोन किया तो ठाकुरगंज थाने की भुवर चौकी के प्रभारी ने फोन उठाया और बताया कि रजनेश की सड़क हादसे में मौत हो गई है।
शानू ने इसकी सूचना रजनेश के परिजनों को दी। परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शव की पहचान की। दिलीप ने बताया कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो पता चला कि हादसा रात करीब 10 बजे हुआ था। उनका भाई लगभग एक घंटे तक सड़क पर पड़ा तड़पता रहा, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। बाद में एक राहगीर ने पुलिस को सूचना दी। रजनेश के परिवार में पिता रमेश, मां कुसमा देवी और भाई दिलीप हैं। इंस्पेक्टर ठाकुरगंज ओमवीर सिंह चौहान ने बताया कि रजनेश बाइक से जा रहे थे और किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। वह हेलमेट लगाए हुए थे। तहरीर मिलने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
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उधर, इंदिरानगर के बसंत विहार निवासी सुनीता देवी (45) के बेटे अतुल ने बताया कि उनकी मां कैसरबाग तहसील में एक वकील के अधीन काम करती थीं। एक जून को वह एक परिचित के साथ स्कूटी से घर जा रही थीं। रास्ते में हजरतगंज स्थित मोती महल लॉन के पास एक रोडवेज बस की टक्कर से वह घायल हो गई थीं। उनका ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा था। बृहस्पतिवार देर रात उनकी मौत हो गई। इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने बताया कि हादसे की कोई सूचना नहीं है। परिजन तहरीर देते हैं तो एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। सुनीता के परिवार में तीन बेटे हैं। पति उदय राज बीकेटी में रहकर खेती-किसानी करते हैं।
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मूल रूप से उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र के नेवरा घाट निवासी रजनेश दुबग्गा के सलेमपुर पतौरा में दोस्तों के साथ किराये के मकान में रहते थे और एचएएल में संविदा चालक थे। उनके बड़े भाई दिलीप ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात तक रजनेश कमरे पर नहीं पहुंचे तो रूममेट शानू ने उनके मोबाइल पर फोन किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। इसके बाद शुक्रवार सुबह छह बजे दोबारा फोन किया तो ठाकुरगंज थाने की भुवर चौकी के प्रभारी ने फोन उठाया और बताया कि रजनेश की सड़क हादसे में मौत हो गई है।
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शानू ने इसकी सूचना रजनेश के परिजनों को दी। परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शव की पहचान की। दिलीप ने बताया कि जब वह घटनास्थल पर पहुंचे तो पता चला कि हादसा रात करीब 10 बजे हुआ था। उनका भाई लगभग एक घंटे तक सड़क पर पड़ा तड़पता रहा, लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। बाद में एक राहगीर ने पुलिस को सूचना दी। रजनेश के परिवार में पिता रमेश, मां कुसमा देवी और भाई दिलीप हैं। इंस्पेक्टर ठाकुरगंज ओमवीर सिंह चौहान ने बताया कि रजनेश बाइक से जा रहे थे और किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। वह हेलमेट लगाए हुए थे। तहरीर मिलने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
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उधर, इंदिरानगर के बसंत विहार निवासी सुनीता देवी (45) के बेटे अतुल ने बताया कि उनकी मां कैसरबाग तहसील में एक वकील के अधीन काम करती थीं। एक जून को वह एक परिचित के साथ स्कूटी से घर जा रही थीं। रास्ते में हजरतगंज स्थित मोती महल लॉन के पास एक रोडवेज बस की टक्कर से वह घायल हो गई थीं। उनका ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा था। बृहस्पतिवार देर रात उनकी मौत हो गई। इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने बताया कि हादसे की कोई सूचना नहीं है। परिजन तहरीर देते हैं तो एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। सुनीता के परिवार में तीन बेटे हैं। पति उदय राज बीकेटी में रहकर खेती-किसानी करते हैं।