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अफसरों पर योगी सख्त, बोले- शराब में मिलावट करने वालों की मंशा का पता लगाएं
Wed, 19 Jun 2019 06:13 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Wed, 19 Jun 2019 06:13 PM IST
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यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक की। इसमें मुख्यमंत्री शराब में मिलावट पर सख्त नजर आए। उन्होंने अफसरों से कहा कि बाराबंकी जैसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। ऐसी घटनाओं की तह तक जाएं। ऐसा कौन लोग कर रहे हैं, कब से कर रहे हैं, इसका पूरा पता लगवाएं।
साथ ही इसमें संलिप्त लोगों का राजनीतिक संबंध या संरक्षण हो, तो उसकी भी पूरी पड़ताल करें। सीएम ने कहा कि यह भी देखें कि क्या ये सिर्फ मुनाफे के लिए कर रहे हैं या उनकी मंशा सरकार को बदनाम करने व अव्यवस्था फैलाने की है। समीक्षा बैठक में आबकारी मंत्री जयप्रताप सिंह, मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, विभागीय प्रमुख सचिव कल्पना अवस्थी, अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी भी मौजूद थे।
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साथ ही इसमें संलिप्त लोगों का राजनीतिक संबंध या संरक्षण हो, तो उसकी भी पूरी पड़ताल करें। सीएम ने कहा कि यह भी देखें कि क्या ये सिर्फ मुनाफे के लिए कर रहे हैं या उनकी मंशा सरकार को बदनाम करने व अव्यवस्था फैलाने की है। समीक्षा बैठक में आबकारी मंत्री जयप्रताप सिंह, मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, विभागीय प्रमुख सचिव कल्पना अवस्थी, अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी भी मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि जहर का कारोबार कर लोगों की जिंदगी बर्बाद करने वालों के खिलाफ स्थानीय प्रशासन, पुलिस व आबकारी विभाग तालमेल बनाकर अभियान चलाएं। जरूरत हो, तो इनकी संपत्तियां जब्त करें। इनपर एनएसए लगाकर जेल भेज दें। अवैध शराब जहां बन रही है उस क्षेत्र के पुलिस थाना को जवाबदेह बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि शराब की हर दुकान की जांच होनी चाहिए, इसकी जवाबदेही पुलिस थाना स्तर पर तय की जाए। उन्होंने कहा कि मिलवाट रोकने में तकनीक की प्रभावी भूमिका हो सकती है, इसका प्रयोग करें।
हर शराब की दुकान पर पीओएस मशीन जितना जल्दी संभव हो लगाया जाए। शराब की दुकानें सार्वजनिक स्थलों पर नहीं होनी चाहिए। इसे लेकर आबकारी विभाग खुद जांच कराए और सुनिश्चित करे कि तय दूरी के मानक का अनुपालन हो रह है या नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि शराब की हर दुकान की जांच होनी चाहिए, इसकी जवाबदेही पुलिस थाना स्तर पर तय की जाए। उन्होंने कहा कि मिलवाट रोकने में तकनीक की प्रभावी भूमिका हो सकती है, इसका प्रयोग करें।
हर शराब की दुकान पर पीओएस मशीन जितना जल्दी संभव हो लगाया जाए। शराब की दुकानें सार्वजनिक स्थलों पर नहीं होनी चाहिए। इसे लेकर आबकारी विभाग खुद जांच कराए और सुनिश्चित करे कि तय दूरी के मानक का अनुपालन हो रह है या नहीं।