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मुख्यमंत्री योगी ने 10 जिलों के डीएम को दी कड़ी चेतावनी, कहा- सुधार नहीं दिखा तो होगी कार्रवाई

Sun, 11 Aug 2019 12:00 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 11 Aug 2019 12:00 PM IST
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Yogi Adityanath warns 10 DM of different districts.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन-सुनवाई प्रणाली व सीएम हेल्पलाइन-1076 पर की जाने वाली शिकायतों के निस्तारण में शिथिलता पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के तहत पुलिस प्रशासन से संबंधित सर्वाधिक शिकायतों वाले जिलों प्रयागराज, प्रतापगढ़ व जौनपुर के अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए। आगाह किया कि यदि सुधार नजर नहीं आया तो कार्रवाई की जाएगी।

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मुख्यमंत्री ने आईजीआरएस प्रणाली व सीएम हेल्पलाइन के तहत समस्याओं के समाधान में शिथिलता और लापरवाही बरतने वाले 10 जिलों के डीएम को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी। उन्होंने आठ अगस्त को जिलों में कार्यालय और जनसुनवाई में अनुपस्थित रहे 17 जिलाधिकारियों व 16 पुलिस अधीक्षकों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने और भविष्य में ऐसी स्थिति पाए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही मिलने पर की गई कार्रवाई एसीआर से जोड़ी जाएगी।
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‘अमर उजाला’ ने शनिवार के अंक में जन-सुनवाई प्रणाली की जुलाई की रैंकिंग में अफसरों के प्रदर्शन से जुड़ी खबर प्रकाशित की थी। मुख्यमंत्री ने खबर का संज्ञान लिया और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के संबंध में अफसरों को सख्त निर्देश दिए।
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उन्होंने अफसरों को समय से कार्यालय पहुंचने और प्रतिदिन एक घंटा जनसुनवाई करने को कहा। उन्होंने शिकायतों पर कार्रवाई की साप्ताहिक व पाक्षिक समीक्षा के निर्देश दिए। लखनऊ व अन्य जिलों में प्लास्टिक, पॉलिथीन व थर्मोकोल के प्रयोग पर कड़ाई से नियंत्रण के लिए भी कहा।

अफसरों को सुनाई खरी-खरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण करते समय अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे। अनेक शिकायतें लंबे समय से निस्तारित नहीं हुई हैं। बड़ी संख्या में शिकायतें आना दर्शाता है कि स्थानीय व विभागीय स्तर पर समस्याओं के समाधान में आवश्यक कार्यवाही नहीं की जा रही। यदि कार्यवाही हो भी रही है, तो उससे शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं है।

शिकायत का निस्तारण तभी माना जाए, जब शिकायतकर्ता संतुष्ट हो जाए। स्थानीय स्तर की शिकायतों के निस्तारण के लिए लोगों को लखनऊ आना पड़ता है, यह ठीक नहीं है।

ये जिले भी फिसड्डी, डीएम को दी चेतावनी

- पंचायतीराज विभाग से संबंधित सफाई, पेयजल व भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में सबसे खराब प्रदर्शन वाले प्रयागराज, आगरा व बदायूं।

- खाद्य और रसद के तहत अनाज व मिट्टी तेल के संबंध में खराब प्रदर्शन वाले गोंडा व आगरा।

- सड़कों की मरम्मत के संबंध में खराब प्रदर्शन वाले प्रयागराज, वाराणसी व बरेली रहे।

- कानपुर नगर, मेरठ, वाराणसी नगर में गंदगी व साफ.-सफाई की कमी के लिए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

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