नगर निकायों को स्वावलंबी बनाने में जुटी सरकार, 18 से बढ़कर 28 प्रतिशत हुई आय: सीएम योगी
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार शहरी निकायों को स्वावलंबी बनाने के लिए तेजी से प्रयास कर रही है। इसके अच्छे नतीजे सामने आए हैं। लखनऊ और गाजियाबाद नगर निगम इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जल्द ही म्युनिसपल बांड जारी करेंगे। उन्होंने विपक्षी दलों पर अवसर मिलने पर भी काम न करने का आरोप लगाया।
योगी इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शहरी विकास मंत्रालय की स्मार्ट सिटी, प्रधानमंत्री आवास और अमृत योजना की तीसरी वर्षगांठ पर आयोजित कार्यशाला के समापन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, यूपी की 21 प्रतिशत आबादी शहरी है। यह राष्ट्रीय औसत 31 प्रतिशत से काफी कम है। प्रदेश के शहर अनियोजित और अनियंत्रित विकास का सामना कर रहे हैं। यदि समय से काम किया जाता तो यह स्थिति नहीं होती।
मुख्यमंत्री ने शहरी विकास की योजनाओं पर सवाल उठाने वाले विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा। बिना किसी का नाम लिए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने तीन वर्ष पहले स्मार्ट सिटी मिशन, पीएम आवास और अमृत योजनाएं शुरू की लेकिन तत्कालीन राज्य सरकार इस ओर काम करने में विफल रही।
2015-16 तक कुल 11 हजार पीएम आवास (शहरी) बनाए गए थे जबकि इधर एक वर्ष में 4.32 लाख आवास बने हैं। इसी तरह स्वच्छ भारत मिशन के तहत 2015-16 तक कुल 35 हजार शौचालय बने थे जबकि एक वर्ष में 5.50 लाख शौचालय बनाए गए। कहा, हम दो अक्तूबर 2018 तक प्रदेश को खुले में शौचमुक्त करने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
'स्मार्ट सिटी में चयनित सभी दस शहरों की एसपीवी बनी'
योगी ने कहा कि नगरीय निकायों को व्यवस्थित, नियोजित व स्वावलंबी बनाने के कई प्रयास हुए हैं। सबसे पहले इनकी आय बढ़ाने की जरूरत है। हमारे प्रयास से निकायों की आय 18 से बढ़कर 28 प्रतिशत हो गई है। गाजियाबाद व लखनऊ नगर निगम बांड जारी करेंगे। इसके अलावा स्मार्ट सिटी में 10 शहर चयनित हुए हैं। सभी 10 शहरों की एसपीवी बन गई है। प्रथम सात में कंसल्टेंट नियुक्त हो गए हैं।
दो अक्तूबर से डिस्पोजेबल प्लास्टिक पर भी रोक
मुख्यमंत्री ने कहा, सालिड वेस्ट शहरों की सबसे बड़ी चुनौती है। उनकी सरकार ने सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए कई प्रयास किए हैं। 50 माइक्रॉन से कम के पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाया गया है। दो अक्तूबर से सरकार डिस्पोजेबल प्लास्टिक पर भी प्रतिबंध लगा देगी। इससे पर्यावरण को बड़ा लाभ होगा।
एलईडी लगाकर 115 करोड़ बचाए
उन्होंने कहा, स्मार्ट सिटी व अमृत योजना में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बेहतर बनाने का काम हो रहा है। तीन शहरों में मेट्रो का काम चल रहा है। इलेक्ट्रिक व्हीकल सिस्टम पर भी काम हो रहा है। प्रदेश सरकार ने शहरों की 9.65 लाख स्ट्रीट लाइट में से 6.35 लाख पर एलईडी लगा दी है। इससे 115 करोड़ की बचत हुई है।