पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेजों की स्थापना में तेजी लाएं : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीपीपी मोड पर बनने वाले मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की कार्यवाही तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में निवेश के इच्छुक लोगों से संवाद स्थापित किया जाए। आवश्यकता के अनुरूप नियमों का सरलीकरण भी किया जाए।
मुख्यमंत्री गुरुवार को अपने आवास पर उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा है कि 8 जून से मिलने वाली छूट का अध्ययन करते हुए पूरी तैयारी के साथ इसे लागू किया जाए। उन्होंने पुलिस महानिदेशक से कहा कि नियमित फुट पेट्रोलिंग तथा हाईवे एवं एक्सप्रेस-वे पर पीआरवी 112 के माध्यम से सघन पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए। सुरक्षित यातायात पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश देते हुए कहा कि कहीं भी भीड़ एकत्रित न होने पाए। क्वारंटीन सेंटर पर स्क्रीनिंग में स्वस्थ पाए गए कामगारों व श्रमिकों को राशन किट देकर होम क्वारंटीन के लिए घर भेजा जाए। उन्हें 1000 रुपये भरण-पोषण भत्ता अनिवार्य रूप से उपलब्ध करया जाए।
इन जिलों में चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने का दिया आदेश
सीएम ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि वे सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के माध्यम से सुनिश्चित कराएं कि इन्फ्रारेड थर्मामीटर व पल्स ऑक्सीमीटर संचालित करने वाले कार्मिकों को इन उपकरणों के संचालन की पूर्ण जानकारी हो। ऐसे कार्मिकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए।
जिलों में तैनात स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारियों की कोविड एवं नॉन कोविड अस्पतालों की निरीक्षण संबंधी रिपोर्ट की नियमित समीक्षा की जाए। उनके फीडबैक के आधार पर जरूरी कदम उठाए जाएं। संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए जरूरी है कि लोग पूरी सावधानी बरतें।
योगी ने कोविड-19 से होने वाली मृत्यु की दर को प्रत्येक दशा में कम रखने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गौतमबुद्ध नगर, कानपुर नगर, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद, मेरठ, फिरोजाबाद तथा बुलंदशहर जिलों में चिकित्सा सुविधाओं को और बेहतर किया जाए। जिन जिलों में ज्यादा संख्या में कामगार आए हैं, वहां विशेष पूल टेस्टिंग से सैंपलों की जांच की जाए।
बसों का नियमित सैनिटाइजेशन कराएं
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परिवहन निगम की बसों को संक्रमण से सुरक्षा संबंधी प्रोटोकॉल के अनुरूप संचालित किया जाए। बसों का नियमित सैनिटाइजेशन हो। यात्री मास्क पहनकर सफर करें। यात्रियों की इन्फ्रारेड थर्मामीटर से स्क्रीनिंग करते हुए उनके लिए सैनिटाइजर की व्यवस्था भी की जाए। बस ड्राइवर व कंडक्टर मास्क तथा ग्लव्स अवश्य इस्तेमाल करें।
दफ्तरों में सेंसर वाली सैनिटाइजर मशीन लगाएं
सीएम ने कहा कि कार्यालयों में इन्फ्रारेड थर्मामीटर व सैनिटाइजर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वहां सेंसर वाली सैनिटाइजर मशीन इस्तेमाल की जाए। उन्होंने लघु सिंचाई, कृषि सहित विभिन्न विभागों को निर्देश दिए मनरेगा में श्रमिकों को रोजगार देने की व्यवस्थाओं का अध्ययन करें।