फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   yogi adityanath on use of mnrega for the good of agriculture.

अगर मनरेगा की सही जानकारी होती तो अब तक कृषि की तस्वीर बदल जाती: योगी आदित्यनाथ

Thu, 09 Aug 2018 08:48 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 09 Aug 2018 08:48 PM IST
विज्ञापन
yogi adityanath on use of mnrega for the good of agriculture.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मनरेगा के कार्यों को कृषि से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाई जाए और फसल की लागत कम की जाए। फसल से पहले, बोआई व कटाई के बाद भी मनरेगा योजना से काम कराए जा सकते हैं। यह भी विचार किया जाए कि बाढ़ व अन्य प्राकृतिक आपदा में मनरेगा का उपयोग कैसे किया जाए।

विज्ञापन


योगी बृहस्पतिवार को बाबा साहब अंबेडकर विश्वविद्यालय के सभागार में कृषकों की आय दोगुनी करने के लिए कृषि एवं मनरेगा कन्वर्जेंस कार्यशाला में बोल रहे थे। इसमें पांच मंडलों के 25 जिलों के किसानों व मजदूरों, इनसे जुड़ी संस्थाओं व बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की खुशहाली का रास्ता गांवों व किसानों से होकर जाता है। 
विज्ञापन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी होनी चाहिए। हाल ही प्रधानमंत्री ने 14 फसलों का एमएसपी 50 से 150 प्रतिशत तक बढ़ाया है। योगी ने कहा कि प्रदेश में इस तरह की तीन और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन कार्यशालाओं में आए सुझावों पर प्रधानमंत्री द्वारा गठित सात मुख्यमंत्रियों की समिति  विचार करेगी। इसी के आधार पर मनरेगा में संशोधन के लिए कदम उठाए जाएंगे। कार्यशाला में कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान राज्य मंत्री रणवेन्द्र सिंह (धुन्नी सिंह), प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अनुराग श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद मौजूद थे।

मनरेगा से ला सकते हैं व्यापक बदलाव

सीएम ने कहा कि मनरेगा के 260 कामों में से 193 से सामुदायिक और 67 से व्यक्तिगत तौर पर किसानों को लाभान्वित किया जा सकता है। डेढ़ साल पहले तक मनरेगा के धन का सदुपयोग नहीं हो रहा था। इस योजना में ईमानदारी से काम करके गांव, गरीब, किसानों की स्थिति में व्यापक बदलाव लाया जा सकता है।

पुनर्जीवित हो सकती हैं नदियां

योगी ने कहा कि सिंचाई के साधन न होने से प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में किसान एक फसल लेता है। नदियां सूखती जा रही हैं। प्रदेश के 222 ब्लॉक डार्क जोन में आ गए हैं। आजमगढ़, ललितपुर, मिर्जापुर समेत कई जिलों में नदियों को पुनर्जीवित करने की दिशा में अच्छा काम हुआ है। जागरूकता व इच्छाशक्ति हो तो नदियां पुनर्जीवित हो सकती हैं। पिछली सरकारों में इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया।

16 महीने में आया किसानों के जीवन में बदलाव : महेंद्र

ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि जीडीपी में 15 फीसदी योगदान कृषि का है लेकिन उत्तर प्रदेश के गठन से बाद से किसानों की स्थिति सुधारने पर ध्यान नहीं दिया गया। पहले किसानों की आत्महत्याएं की खबरें आम थीं। 19 मार्च 2017 को योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद किसानों के जीवन स्तर में सुधार आया है। मनरेगा से 20 हजार तालाबों के निर्माण का लक्ष्य गया है, इनमें से 9728 तालाबों का निर्माण पूरा हो चुका है। गोमती, आमी, वरुणा समेत कई नदियों को पुनर्जीवित किया गया है। 
कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रधानमंत्री ने सात मुख्यमंत्रियों की जो हाई पावर कमेटी बनाई है, उसमें सीएम योगी आदित्यनाथ भी शामिल हैं। प्रदेश की 22.50 करोड़ आबादी में 2.30 करोड़ किसान परिवार हैं। इनमें 2.13 करोड़ यानी 93 फीसदी लघु एवं सीमांत किसान हैं। दो करोड़ खेतिहर मजदूर हैं। इनमें एक करोड़ क्रियाशील मजदूर हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed