योगी बोले, रोज एक घंटा स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करें डीएम, दो अक्टूबर तक यूपी घोषित होगा ओडीएफ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे रोज एक घंटा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा कर प्रगति जानें। दो अक्तूबर तक प्रदेश को खुले में शौचमुक्त घोषित करने को ध्यान में रखकर शौचालय निर्माण कार्यों में तेजी लाएं और ब्लॉक पर खंड विकास अधिकारियों को उत्तरदायी बनाएं। मुख्यमंत्री सोमवार को शास्त्री भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शौचालय निर्माण की धीमी प्रगति वाले जिलों के डीएम से बात रहे थे।
उन्होंने कहा कि डीएम शौचालय निर्माण कार्य में व्यक्तिगत रुचि लेकर लक्ष्य को पूरा करें। इसमें शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शौचालयों का शत-प्रतिशत सत्यापन, जियो टैगिंग, ओडीएफ ग्रामों का सत्यापन करने के साथ ही हर ग्राम पंचायत में एक प्रशिक्षित स्वच्छाग्रही तैनात किया जाए।
इस अभियान में प्रतिष्ठित लोगों, स्वयंसेवी संगठनों व संस्थाओं, अधिकारियों और कर्मचारियों को जोड़कर लक्ष्य पूरा करें। मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज को प्रत्येक सप्ताह शौचालय निर्माण की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
इन जिलों में धीमा है कार्य
सीतापुर, आजमगढ़, बस्ती, चित्रकूट, बलिया, मऊ, कुशीनगर, लखनऊ, रायबरेली, महाराजगंज, फैजाबाद, बलरामपुर, बाराबंकी, इलाहाबाद, हरदोई, फतेहपुर, लमीखपुर खीरी, चन्दौली, अलीगढ़, सुलतानपुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, देवरिया, संभल, महोबा जिलों की प्रगति धीमी है।
हर जिले में फसल बीमा कंपनियों के खुलेंगे दफ्तर
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की मदद के लिए चलाई जा रही बीमा योजनाओं में काफी सुधार की जरूरत है। फसलों का नुकसान होने की दशा में किसान को क्षति का पूरा मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि योजना में सुधार की जरूरत होने पर केंद्र से अनुरोध किया जाए। मुख्यमंत्री ने बीमा कवर देने वाली कंपनियों के कार्यालय जिलास्तर पर होने और टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियां ब्लॉक स्तर पर कृषक गोष्ठियां करें। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में कृषि राज्यमंत्री के नेतृत्व में गोष्ठी का आयोजन किया जाए। प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फसली ऋण लेने वाले किसान अनिवार्य रूप से कवर किए जाते हैं।
मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत फल और सब्जियों का भी बीमा होता है। बीमा कंपनी, बैंक कार्मिकों और जनसुविधा केंद्रों के कर्मचारियों को पोर्टल पर डाटा अपलोड करने के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रत्येक विकासखंड स्तर पर बीमा कंपनी 31 जुलाई से पहले 5 कैंप लगाएगी। बैठक में कृषि राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह ‘धुन्नी सिंह’, एपीसी राज प्रताप सिंह मौजूद रहे।