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मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड: कंधे पर एके 47 रखकर चलना कौन सा इस्लाम है... हिंदुस्तान में रहकर तालिबान की हिमायत बर्दाश्त नहीं
Thu, 19 Aug 2021 01:32 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 19 Aug 2021 01:32 PM IST
सार
बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने वीडियो जारी कर कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने इस्लाम को आगे बढ़ाया और इंसानियत को सिखाया। आज उन्हीं के नाम के झंडों को उतारकर तालिबान आगे बढ़ रहा है। तालिबान हिंदुओं और शिया कौम के खिलाफ है।
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तालिबान (फाइल)
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार बनने के बाद कुछ लोगों की ओर से उसका समर्थन करने पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने निंदा की। बोर्ड ने चेतावनी दी कि तालिबान की हिमायत भी करो और हिंदुस्तान में रहो, इसे बर्दाश्त नही करेंगे।
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बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने वीडियो जारी कर कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने इस्लाम को आगे बढ़ाया और इंसानियत को सिखाया। आज उन्हीं के नाम के झंडों को उतारकर तालिबान आगे बढ़ रहा है। तालिबान हिंदुओं और शिया कौम के खिलाफ है।
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कंधे के ऊपर एके 47 रखकर चलना कौन सा इस्लाम है। ये हुसैनी इस्लाम नहीं है। यह गले कटाने वाला नहीं बल्कि गले काटने वाला इस्लाम है। उन्होंने कहा कि कुछ मुसलमान तालिबान की तारीफ कर उनका समर्थन कर रहे हैं। बोर्ड इसे बर्दाश्त नही करेगा।
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तालिबान ने सूफिज्म को पहुंचाया नुकसान
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया ने महासचिव डॉ. मुईन अहमद खान ने कहा कि तालिबान ने हमेशा सूफिज्म को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने मौलाना सज्जाद नोमानी के तालिबान सरकार का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए उसकी निंदा की है। उन्होंने कहा कि संगठन कट्टरपंथी सोच के खिलाफ अभियान चलाने के लिए 23 व 24 अगस्त को कार्यकारिणी बैठक रणनीति तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि इस्लाम हिंसा के खिलाफ है।