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योगी ने कहा अपात्रों को मिले हैं यश भारती, होगी समीक्षा

Fri, 21 Apr 2017 11:49 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Fri, 21 Apr 2017 11:49 AM IST
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yash bharti award will go under scrutiny
सीएम योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यश भारती पुरस्कारों की गहन समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। ये पुरस्कार किन आधारों व मापदंडों पर दिए गए, इसकी जांच होगी। 

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जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुरस्कारों के वितरण के दौरान उसकी गरिमा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। अपात्रों को पुरस्कृत करने से पुरस्कार की गरिमा गिरती है।
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मुख्यमंत्री ने अफसरों को यह निर्देश बृहस्पतिवार को संस्कृति विभाग के प्रस्तुतीकरण के दौरान दिए। उन्होंने कुशीनगर जिले में चलाई जा रही मैत्रेय परियोजना पर पुनर्विचार की बात कही। 
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इसमें अनावश्यक भूमि अधिग्रहण के कारण प्रभावित किसान इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से पहले किसानों की राय अवश्य ली जानी चाहिए।

भातखंडे की शाखाएं जिलों में खुलें 

yash bharti award will go under scrutiny
डेमो प‌िक - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने गरीब और बुजुर्ग कलाकारों को दी जाने वाली मासिक पेंशन की राशि बढ़ाने के लिए केंद्र द्वारा संचालित ऐसी योजनाओं से जोड़ने को कहा। उन्होंने ब्रज क्षेत्र में कला केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी विचार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि लोक परंपरा, लोक संस्कृति, लोकगीत तथा ऐतिहासिक परंपराओं पर केंद्रित लाइट एंड साउंड कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भातखंडे संगीत संस्थान की शाखाएं अन्य जिलों में भी स्थापित की जानी चाहिए। इससे युवाओं को एक अच्छे संगीत संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कॉलेजों को इस संस्थान से संबद्ध करने पर भी विचार करने के निर्देश दिए।

जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र जल्द करें जारी  
मुख्यमंत्री ने लोक सेवा प्रबंधन विभाग के प्रेजेंटेशन में अफसरों को प्रमाण-पत्रों को जल्द जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र, किसान बही, भूमि का अविवादित नामांतरण प्रमाण-पत्र जारी करने में लगने वाले समय को कम किया जाए। 

जाति प्रमाण-पत्र जारी करने में 20 दिन का समय लगाना ठीक नहीं है। इसे कम से कम समय के अंदर आवेदक को उपलब्ध कराया जाए।
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