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50 प्रतिशत बीमारियों का कारण दूषित पानी
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Sun, 06 Oct 2013 12:21 PM IST
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दि इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स और इंडियन वाटर वर्क्स एसोसिएशन द्वारा शनिवार को आयोजित ‘नगरीय क्षेत्र के जल एवं सफाई का टिकाऊ प्रबंधन’ विषयक सेमिनार में प्रदेश योजना आयोग के उपाध्यक्ष नवीन चंद्र वाजपेयी ने कहीं।
इस मौके पर विशेषज्ञों संबंधित विषय पर शोधपत्र भी प्रस्तुत किए। कोलकाता से आए इंजीनियर जेसी सिंघल ने कहा कि पचास प्रतिशत से अधिक बीमारियां दूषित पानी, प्रदूषण और गंदगी से होती हैं।
इसमें सुधार होने से चिकित्सा पर होने वाला खर्च कम हो जाएगा। दि इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स लखनऊ के अध्यक्ष वीबी सिंह ने कहा कि बिना सामाजिक सहयोग के प्रयास सार्थक नहीं हो सकते।
वहीं, इंडियन वाटर वर्क्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एके मित्तल ने स्वच्छता पर जोर दिया। आयोजक सुमेर अग्रवाल ने बताया कि इस मुद्दे पर विशेषज्ञों से सुझाव मांगे गए हैं।
दि इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स और इंडियन वाटर वर्क्स एसोसिएशन द्वारा शनिवार को आयोजित ‘नगरीय क्षेत्र के जल एवं सफाई का टिकाऊ प्रबंधन’ विषयक सेमिनार में प्रदेश योजना आयोग के उपाध्यक्ष नवीन चंद्र वाजपेयी ने कहीं।
इस मौके पर विशेषज्ञों संबंधित विषय पर शोधपत्र भी प्रस्तुत किए। कोलकाता से आए इंजीनियर जेसी सिंघल ने कहा कि पचास प्रतिशत से अधिक बीमारियां दूषित पानी, प्रदूषण और गंदगी से होती हैं।
इसमें सुधार होने से चिकित्सा पर होने वाला खर्च कम हो जाएगा। दि इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स लखनऊ के अध्यक्ष वीबी सिंह ने कहा कि बिना सामाजिक सहयोग के प्रयास सार्थक नहीं हो सकते।
वहीं, इंडियन वाटर वर्क्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एके मित्तल ने स्वच्छता पर जोर दिया। आयोजक सुमेर अग्रवाल ने बताया कि इस मुद्दे पर विशेषज्ञों से सुझाव मांगे गए हैं।