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बीबीएयू वीसी पर हमले का मामला : शिक्षक व कर्मचारियों ने जिला प्रशासन का पुतला फूंका, किया हंगाम

Wed, 13 Feb 2019 06:08 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Wed, 13 Feb 2019 06:08 PM IST
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workers teachers protest against attack on bbau vc
बीबीएयू वीसी पर हमले का किया गया विरोध - फोटो : amar ujala
बीबीएयू वीसी पर हुए हमले के मामले में शिक्षकों ने आज बैठक की। शाम को जिला-पुलिस प्रशासन का पुतला फूंकने का निर्णय लिया। इसके बाद बीबीएयू में सड़क जाम कर शिक्षक और कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला-पुलिस प्रशासन का पुतला फूंका और हंगामा किया।
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बैठक में यह भी फैसला लिया गया। कल से काली पट्टी बांधकर करेंगे काम। साथ ही यह भी अल्टीमेटम दिया गया कि अगर रविवार तक वीसी के हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो सोमवार से अनिश्चित कालीन हड़ताल की जाएगी।
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इससे पहले बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के कुलपति प्रो. एनएमपी वर्मा पर हुए हमले के विरोध में विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी व छात्र एकजुट होकर शाम को सड़क पर उतरे। विश्वविद्यालय परिसर में संयुक्त मार्च निकालकर सभी ने बुधवार को कक्षाएं, कार्यालय व सभी काम ठप रखने का निर्णय लिया। उन्होंने पुलिस प्रशासन की सुस्ती पर आक्रोश व्यक्त किया। चेतावनी दी कि अगर 24 घंटे में ठोस कार्रवाई व हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आगे अनिश्चित कालीन हड़ताल की जाएगी। 
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लाइब्रेरी के सामने एकत्र होकर शिक्षक, कर्मचारी, छात्रों ने विरोध मार्च निकाला। वे हाथ में ‘वीसी के सम्मान में, बीबीएयू स्टाफ मैदान में। गुंडागर्दी हो बर्बाद, दहशत गर्दी हो बर्बाद। वीसी के सम्मान में शिक्षक उतरे मैदान में’ जैसे स्लोगन लिखे कागज लेकर चल रहे थे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। यहां से वे अंबेडकर भवन पहुंचे और संयुक्त सभा की। शिक्षकों में सबसे ज्यादा आक्रोश पुलिस प्रशासन के रवैये पर रहा।

उन्होंने कहा कि मंगलवार को सुबह से शाम तक पुलिस प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं आया। कुछ अधिकारियों ने वीसी से फोन पर बात तो की लेकिन न तो कोई गिरफ्तारी न ही किसी से पूछताछ हुई। एक केंद्रीय विश्वविद्यालय होने के बाद भी पुलिस प्रशासन का यह रवैया उनकी गंभीरता को दिखाता है। शिक्षकों ने जल्द से जल्द हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग उठाई। विरोध मार्च में रजिस्ट्रार प्रो. आरबी राम, प्रॉक्टर प्रो. रामचंद्रा, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मनीष वर्मा, प्रो. गोविंद पांडेय, प्रो. कमल जायसवाल, प्रो. एसडी शर्मा, प्रो. डीआर मोदी, डॉ. शिल्पी वर्मा, डॉ. राजश्री, डिप्टी रजिस्ट्रार आरके साहू व अन्य शिक्षक-कर्मचारी शामिल थे।
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