बेटा नहीं हुआ तो बेटियों के साथ बहू को भी घर से निकाला
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लगातार तीन बेटियां पैदा होने पर ससुरालीजनों ने महिला को घर से निकाल दिया। महिला अपनी तीन पुत्रियों के साथ कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठ गई है। महिला ने ससुरालीजनों पर जलाकर मारने की कोशिश का भी आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक वह मामले की शिकायत लेकर थाने गई लेकिन पुलिस ने उसे डांटकर भगा दिया।
जिले की यह घटना बेटी बचाओ अभियान पर पानी की तरह पैसा बहा रही केंद्र व प्रदेश सरकार को आईना दिखाने वाली है। सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में तीन पुत्रियों संग धरने पर बैठी नीलम का मायका नगर पालिका क्षेत्र के गांव पूरे बान सिंह कटरा लालगंज और ससुराल अमेठी थाने के छोटा रामनाथपुर मजरे गोपालपुर में है।
उसका विवाह तीन दिसंबर 2006 को श्यामलाल उर्फ बाबू के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही उसे दहेज कम लाने को लेकर परेशान किया जाता रहा। इसके बाद उसे एक-एक कर तीन पुत्रियां बेबी, सानिया व संध्या पैदा हुईं तो ससुरालीजन और नाराज होते गए।
बेटियां पैदा होने पर मारा करते थे ससुराल वाले
बेटियां पैदा होने से नाराज ससुरालीजन उसके साथ अक्सर मारपीट करते थे। हद तो तब हो गई जब बीते 10 नवंबर 2015 को ससुरालीजनों ने उसके ऊपर मिट्टी का तेल डालकर जलाने की कोशिश की।
वह ससुरालीजनों से बचकर किसी तरह थाने पहुंची लेकिन पुलिस ने उसकी मदद करने के बजाय डांटकर भगा दिया।
महिला के पति श्यामलाल ने आरोपों को निराधार बताया। कहा कि महिला का पड़ोसी से विवाद हुआ था। उसके बाद वह बच्चियों को मार-पीट रही थी। मना करने पर उसने खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने की कोशिश की थी।