फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Women protest against central govt.

मोदी सरकार से हुई मांग 'दादरी नहीं दाल'

Thu, 05 Nov 2015 01:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 05 Nov 2015 01:30 AM IST
विज्ञापन
Women protest against central govt.

राजधानी में जरूरतमंद नागरिकों को सस्ता राशन न मिलने के विरोध में सैकड़ों महिलाओं ने राजधानी में रैली निकाली और जवाहर भवन पर एक घंटे धरना दिया। इस दौरान उन्होंने मुख्य द्वार जाम कर दिया और किसी को अंदर-बाहर आने जाने नहीं दिया।

विज्ञापन


एडवा के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में देश में बढ़ रही सांप्रदायिकता के खिलाफ भी महिलाएं मुखर होकर बोलीं और दादरी नहीं दाल चाहिए जैसे नारे लगाए।

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति द्वारा आयोजित यह रैली परिवर्तन चौक से शुरू हुई और हजरतगंज होते हुए जवाहर भवन में खाद्य आयुक्त कार्यालय के बाहर पहुंची। इस दौरान महिलाएं जबरदस्त नारेबाजी करती रहीं और जवाहर भवन के मुख्य द्वार पर सभी ने जमा होकर जाम लगा दिया।
विज्ञापन


इस दौरान एडवा की प्रदेश अध्यक्ष मधु गर्ग ने सभी को संबोधित किया और बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा पिछले कई वर्षों से लटकाए जा रहे खाद्य सुरक्षा कानून को तत्काल लागू करने की जरूरत आ गई है। एक ओर मौसम की वजह से किसानों और गरीबों के लिए जीवन दुश्वार हो चुका है, तो वहीं मध्यम वर्ग भी अब महंगाई से त्रस्त है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एडवा जिला सचिव सीमा राना और सुमन सिंह ने कहा कि यह प्रदर्शन केंद्र सरकार की गलत नीतियों की वजह से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं।

ये रखी गईं मांगें

Women protest against central govt.

वहीं, पिछले दो वर्षों से कई दफा राशन कार्ड फॉर्म भरवाए गए, लेकिन गरीबों का कोई कार्ड नहीं बना, ना ही उन्हें अनाज मिल रहा है। करीब एक घंटे के धरने के बाद खाद्य उपआयुक्त ने मौके पर आकर महिलाओं से ज्ञापन लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि दिसंबर 2015 तक खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सभी को राशन मिलना सुनिश्चित कर दिया जाएगा।

ज्ञापन में मांगें
प्रदेश की गरीबी और पिछड़ापन को देखते हुये केवल आयकर भुगतान करने वालों को छोड़कर सभी को खाद्य सुरक्षा कानून का लाभ दिया जाए।

दालों की बढ़ती कीमतों का बड़ा कारण जमाखोरी है जमाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और प्रदेश में आवश्यक खाद्य वस्तु अधिनियम लागू किया जाए।

सस्ते राशन में गेहूं, चावल मोटे अनाज के साथ दाल व तेल भी राशिन में शामिल करें।

कानून को पारदर्शी बनाया जाए और इसके विभिन्न कायदे सभी के सामने रखे जाएं।

घरेलू कामगारों, मजदूरों, विकलांगों, विधवा व एकल महिला को स्वत: ही इस कानून का लाभ मिले।

खाद्य सुरक्षा कानून के अंतर्गत जारी सूची में नये राशन कार्ड के फॉर्म भरने वालों के नाम नहीं हैं, इन्हें जोड़ा जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed