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69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती: विधवाओं और महिलाओं को मिले दूरदराज के स्कूल, लगाए गंभीर आरोप
Wed, 27 Jan 2021 10:20 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 27 Jan 2021 10:20 PM IST
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- फोटो : social media
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बेसिक शिक्षा परिषद में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में दूसरे चरण में नियुक्त 36,590 सहायक अध्यापकों की स्कूलों में तैनाती में विधवाओं, दिव्यांग और महिलाओं को दूरदराज के स्कूलों में तैनाती मिली है। शासन के आदेश की गलत व्याख्या कर जिलों में महिलाओं को शिक्षक विहीन और एकल विद्यालय में तैनाती देने की शिकायत सामने आई है।
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नवचयनित 36,590 सहायक अध्यापकों को 25 से 27 जनवरी तक स्कूलों में तैनाती दी गई। इससे पहले शासन ने शिक्षक विहीन और एकल विद्यालयों में तैनाती देने की गाइडलाइन जारी की थी। वहीं विधवा, दिव्यांग और महिलाओं को तैनाती में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए थे।
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इसके बावजूद अधिकांश जिलों में हुई काउंसिलिंग में बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने विधवा, दिव्यांग और महिला शिक्षकों को जिला और ब्लॉक मुख्यालय से दूरदराज के स्कूलों में नियुक्ति का विकल्प दिया।
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महिला शिक्षकों व उनके साथ गए परिजनों ने जब इस व्यवस्था का विरोध किया तो बीएसए ने शासन की गाइडलाइन का हवाला देकर स्पष्ट कर दिया कि पहले शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक वाले स्कूलों में ही तैनाती की जाएगी।
महिला शिक्षकों का आरोप है कि दूरदराज के गांवों में स्थित स्कूलों में महिलाओं को तैनाती देने के बाद अब जिला और ब्लॉक मुख्यालय के नजदीक स्थित स्कूलों में पुरुष शिक्षकों को आसानी से मनचाही जगह पोस्टिंग का रास्ता साफ हो गया है।
मामले पर स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद का कहना है कि हमारा उद्देश्य पहले शिक्षक विहीन और केवल एक शिक्षक वाले स्कूलों में खाली पद भरना है। विधवा, दिव्यांग और महिला शिक्षकों को भी उनकी पसंद के स्कूलों में तैनाती दी गई है।