गुजरात की तर्ज पर यूपी में चलेगी महिला हेल्पलाइन
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गुजरात की तर्ज पर प्रदेश सरकार भी महिलाओं के लिए 181 महिला हेल्पलाइन शुरू करने की तैयारी में है। हेल्पलाइन शुरू होने पर महिलाएं मुसीबत में इस नंबर को डायल कर पुलिस की मदद के साथ ही चिकित्कीय मदद और कानूनी सलाह भी पा सकेंगी। काउंसलिंग की भी इस पर व्यवस्था होगी। यानी थ्री डिजिट का यह नंबर उन्हें एक नई शक्ति प्रदान करेगा।
सूबे में अभी 1090 वुमेन पावरलाइन चल रही है। यह हेल्पलाइन महिलाओं को केवल पुलिस की मदद मुहैया कराती है। पर, 181 हेल्पलाइन में कई ऐसे फीचर्स जोड़े जाएंगे जो इसे खास बनाएगी। मसलन 1090 की तरह इस प्लेटफॉर्म पर भी पुलिस की मदद मांग सकती हैं।
घरेलू हिंसा या ऑफिस में कोई दिक्कत हो इस हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकती हैं। यही नहीं कानूनी मश्विरा भी पा सकती हैं। मुसीबत में चिकित्सकीय मदद या उसे कुछ समय के लिए अस्थायी निवास की जरूरत है तो वह भी इस पर मुहैया कराया जाएगा।
मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग भी इस हेल्पलाइन पर उन्हें दी जाएगी। यह हेल्पलाइन चौबीसों घंटे सातों दिन चलेगी। यानी यह ऐसा प्लेटफॉर्म होगा जहां उनकी हर समस्या का निदान मिल सकेगा।
ऐसे काम करेगी हेल्पलाइन
-181 हेल्पलाइन नंबर सभी मोबाइल नंबर व लैंडलाइन नंबर से मिलाया जा सकेगा।
हेल्पलाइन में लगे कम्प्यूटर व सॉफ्टवेयर के जरिये कॉल करने वाली महिला की तत्काल लोकेशन पता चल जाएगी।
-पुलिस मदद चाहिए तो कॉल सेंटर पास के थाने की मोबाइल वैन को इसकी सूचना देकर रवाना करवाएगी।
-यदि चिकित्सीय मदद चाहिए तो कॉल सेंटर मौके पर 108 एंबुलेंस भेजेगा।
-यदि जरूरत पड़ी तो महिला को आशा ज्योति केंद्र पहुंचाया जाएगा।
जीवीके-ईएमआरआई को ही 181 भी देने की तैयारी
प्रदेश सरकार सूबे में 181 महिला हेल्पलाइन का संचालन भी 108 व 102 एंबुलेंस सेवा चलाने वाली कंपनी जीवीके-ईएमआरआई को देने की तैयारी कर रही है।
सरकार का मानना है कि गुजरात में भी यही कंपनी इस हेल्पलाइन को चला रही है। यूपी में इस कंपनी के पास पहले से ही सेंट्रलाइज्ड कॉल सेंटर व अन्य जरूरी सुविधाएं है। ऐसे में 181 का संचालन करने में इस कंपनी को कोई परेशानी नहीं होगी। सरकार को भी इस कॉल सेंटर के लिए ज्यादा पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे।
केंद्र की हरी झंडी का इंतजार
इस पर महिला कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव रेणुका कुमार का कहना है कि 181 महिला हेल्पलाइन के लिए हमने केंद्र सरकार को प्रपोजल भेज दिया है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद तत्काल यह हेल्पलाइन शुरू कर दी जाएगी।
गुजरात के अलावा आंध्रप्रदेश में भी यह हेल्पलाइन चल रही है। यूपी में भी जीवीके-ईएमआरआई को इसका संचालन दिया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री ने भी अपनी सहमति दे दी है।