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कपड़े फाड़कर पीटा गया बीवी को मारने वाला दरोगा

Fri, 12 Jun 2015 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,कानपुर
ब्यूरो/अमर उजाला,कानपुर Updated Fri, 12 Jun 2015 12:22 AM IST
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Wife killer policeman beaten in court

पत्नी ईशा की हत्या के आरोपी दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह को सोमवार को कचहरी में वकीलों ने गिरा-गिरा कर पीटा। उसके कपड़े फाड़ डाले और थूका। वकील एक घंटे तक कोर्ट के बाहर हंगामा करते रहे।

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बाद में सीओ कोतवाली ने वकीलों को समझाकर बमुश्किल सुरक्षा घेरे में दरोगा को कोर्ट से निकलवा कर जेल भिजवाया। सोमवार को ज्ञानेंद्र सिंह करीब 10 बजे कचहरी पहुंच गया था। वकीलों के सुरक्षा घेरे में करीब 10.30 बजे दरोगा सीएमएम कोर्ट पहुंच गया।
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इस दौरान काकादेव थानाध्यक्ष कोर्ट के बाहर मौजूद थे। बाद में उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। ज्ञानेंद्र सिंह के सरेंडर की जानकारी पाकर वकील कोर्ट के बाहर इकट्ठा होने लगे थे। तीन बजे तक सैकड़ों वकील जमा हो गए थे।
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कोर्ट ने ज्ञानेंद्र सिंह को जेल भेजने का आदेश दिया। करीब तीन बजे ज्ञानेंद्र सिंह को जेल ले जाने के लिए कोर्ट से बाहर निकाला तो वकीलों ने उस पर हमला बोलते हुए पिटाई शुरू कर दी।

दरोगा के कपड़े फाड़े,मुंह पर थूका

Wife killer policeman beaten in court

दरोगा के कपड़े फाड़ डाले। मारपीट के कारण दरोगा गिर गया तो लात-घूंसे चलाए गए। कुछ वकीलों ने दरोगा के मुंह पर थूक दिया। बाद में दरोगा उठा और कोर्ट के अंदर पहुंच गया।

वकील फिर भी कोर्ट के बाहर से नहीं हटे। थोड़ी देर बाद फिर वकीलों की भीड़ ने दरोगा को पीटना शुरू कर दिया। पिटाई से बेदम दरोगा लेट गया। वकील फिर भी कोर्ट के बाहर से नहीं हटे। खूब हंगामा होता रहा।

करीब साढ़े तीन बजे सीओ कोतवाली जितेंद्र श्रीवास्तव और इंसपेक्टर हरीराम वर्मा फोर्स के साथ कोर्ट पहुंचे। सीओ के समझाने पर भी वकील हटने को तैयार नहीं थे।

करीब चार बजे सीओ ने कोर्ट के दरवाजे से लेकर बाहर सड़क तक दोनों तरफ पुलिसकर्मी खड़े करते हुए बैरीकेडिंग बनवाई। इसके बाद ज्ञानेंद्र सिंह को निकाला। इस पर भी बीच-बीच में वकीलों ने दरोगा को कई तमाचे जड़ दिए। सीओ सुरक्षा घेरा बनवाते हुए कलेक्ट्रेट के सामने खड़ी जीप तक दरोगा को लाए और जेल भिजवा दिया।

दरोगा बोला,ईशा को नहीं जानता

Wife killer policeman beaten in court

सीएमएम कोर्ट में सरेंडर करने के बाद पत्नी ईशा का हत्यारोपी दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह खुद को बेगुनाह बताता रहा। उसका कहना है कि पुलिस ने उसे, मनीष, अवंतिका और अर्जुन को झूठा फंसाया है।

ईशा की जब हत्या हुई तब वह दिल्ली में था। तब से दिल्ली में ही रह रहा था। वह ईशा को जानता तक नहीं है। उससे शादी का तो सवाल ही नहीं उठता है। उसकी और ईशा की शादी के फोटोग्राफ ट्रिक फोटोग्राफी के जरिए तैयार किए गए हैं।

सरेंडर के बाद पत्रकारों से बातचीत में दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि वह किसी ईशा को नहीं जानता। उसकी शादी ईशा से नहीं हुई है। उसे झूठा फंसाया जा रहा है। मनीष कठेरिया से तो दो-तीन महीने से मुलाकात तक नहीं हुई। उससे फोन पर ही बात होती रहती थी। इन सभी लोगों ने पुलिस के दवाब में उसका नाम लिया है।

दरोगा की पिटाई की जानकारी पाकर ईशा की मां विनीता और भाई एश्वर्यराज कचहरी पहुंचे और एडवोकेट अश्विनी आनंद के चेंबर में बैठे रहे। विनीता रो-रोकर कह रही थी कि उसके बेटे को सोमवार सुबह आठ बजे भी फोन कर दरोगा ने धमकी दी थी। सीओ नजीराबाद ­ने खुद दरोगा की बातें सुनीं। वह आराम से रोज धमकी देते हुए घूम रहा था और पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी।

यह है मामला

Wife killer policeman beaten in court

नवीन नगर पांडु नगर निवासी विनीता सचान ने 19 मई को प्रतापगढ़ में तैनात दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह के खिलाफ काकादेव थाने में बेटी ईशा सिंह के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि ईशा का विवाह ज्ञानेंद्र सिंह से हुआ था।

उसके एक बेटी शनाया भी है। ईशा को बाद में पता चला था कि उसके एक पत्नी और है। इसी बात पर दोनों में झगड़ा होता रहता था। बाद में कौशांबी के महेवा घाट क्षेत्र में यमुना किनारे ईशा की सिर कटी लाश मिली थी। तभी से दरोगा फरार था।

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