सिपाही भर्ती 2018: प्रशिक्षण के लिए जगह नहीं, इसलिए नहीं जारी हो रहा प्रारंभिक परिणाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिपाही भर्ती अक्तूबर 2018 का प्रारंभिक परिणाम जारी करने के लिए भर्ती बोर्ड ने तैयारी पूरी कर ली है। हालांकि प्रशिक्षण क्षमता कम होने के कारण बोर्ड प्रारंभिक परिणाम जारी नहीं कर पा रहा है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि अक्तूबर 2018 में निकली भर्ती के लिए हुई लिखित परीक्षा का परिणाम तैयार है। परिणाम घोषित होने के बाद क्वालिफाई करने वाले अभ्यर्थियों की दौड़ और उनके दस्तावेजों का सत्यापन कराने में अधिकतम एक माह का समय लगेगा।
उसके अगले 15 दिनों के अंदर अंतिम चयन परिणाम जारी हो सकता है। लेकिन बोर्ड के सामने परेशानी यह है कि जनवरी 2018 के तहत 41,520 पदों पर हुई सिपाहियों की भर्ती का परिणाम जारी हुए एक महीना हो गया है। इनका प्रशिक्षण दो चरणों में कराया जाएगा।
ऐसे में अक्तूबर 2018 के चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए अगले वर्ष मई तक इंतजार करना पड़ेगा। प्रशिक्षण में विलंब की वजह से भी बोर्ड को कई तरह की परेशानी उठानी पड़ेगी जिसमें असफल अभ्यर्थियों द्वारा भर्ती में अड़ंगा लगाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाने का अंदेशा भी रहता है।
ऐसे में बोर्ड असमंजस में है कि वह अक्तूबर 2018 भर्ती का प्रारंभिक परिणाम जारी करके प्रक्रिया को आगे बढ़ाए या फिर चुनाव तक इंतजार करे?
चुनाव आचार संहिता के दायरे से बाहर है भर्ती बोर्ड
प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार का कहना है कि भर्ती बोर्ड चुनाव आचार संहिता के दायरे में नहीं आता। भर्ती प्रक्रिया पूर्व में शुरू हो चुकी है। ऐसे में न तो लिखित परीक्षा परिणाम घोषित करने में चुनाव आयोग की वजह से कोई बाधा है और न ही दस्तावेजों का सत्यापन कराने और शारीरिक मानक परीक्षण कराने में। ऐसे में प्रशिक्षण की चुनौती ही बोर्ड और पुलिस महकमे के लिए बड़ा सिरदर्द है।