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यूपी का रण : सिराथू का सारथी कौन, निर्णायक भूमिका में अनुसूचित जाति के मतदाता

Sun, 27 Feb 2022 12:30 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव रविंद्र अग्रहरि, अमर उजाला, मंझनपुर
रविंद्र अग्रहरि, अमर उजाला, मंझनपुर Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sun, 27 Feb 2022 12:30 AM IST
सार

सिराथू दोआबा की सबसे हॉट सीट है। यहां इस बार भाजपा से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व सपा-अपना दल (कमेरावादी) से पल्लवी पटेल के चुनावी समर में होने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है।

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Who is the charioteer of Sirathu, SC voters in decisive role
केशव प्रसाद मौर्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिराथू दोआबा की सबसे हॉट सीट है। यहां इस बार भाजपा से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व सपा-अपना दल (कमेरावादी) से पल्लवी पटेल के चुनावी समर में होने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। सिराथू उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का गृह नगर है। इसी सीट से वर्ष 2012 के चुनाव में वह पहली मर्तबा जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।

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2012 के चुनाव में सपा की आंधी चल रही थी, इसके बावजूद केशव यहां पहली बार कमल खिलाने में कामयाब हुए थे। मौर्य सभी कार्यक्रमों में हमेशा कहते हैं कि वह सिराथू के लिए नेता नहीं, बल्कि बेटा हैं। वहीं, सपा गठबंधन उम्मीदवार पल्लवी पटेल खुद को कौशांबी की बहू बताकर लोगों से भ्ाावनात्मक रिश्ता जोड़ने का प्रयास कर रही हैं। इस तरह से बेटा बनाम बहू के इर्द-गिर्द बनते-बिगड़ते समीकरण नजर आ रहे हैं। दोनों दल जातिगत मतदाताओं की संख्या के आधार पर अपनी जीत पक्की मान रहे हैं।
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भाजपा का मानना है कि जन्मस्थली होने के कारण क्षेत्र के सभी वर्गों में केशव का एक-एक व्यक्ति से सीधा जुड़ाव है। उप मुख्यमंत्री तक के सियासी सफर के बावजूद उनका पुराने लोगों से जुड़ाव बना हुआ है। चुनाव में उन्हें इसका लाभ मिलता दिख रहा है। दूसरी तरफ  बसपा प्रत्याशी मुंसब अली भी पार्टी के काडर मतों के साथ ही अल्पसंख्यक वोटों को एकजुट कर खुद की जीत का दावा कर रहे हैं। जबकि, कांग्रेस प्रत्याशी सीमा देवी को भी पार्टी के काडर मतों के साथ ही अनुसूचित जाति के मतों पर भरोसा है। अब देखना है कि कौन से दल का प्रत्याशी दलित, पिछड़ों के अलावा अल्पसंख्यक मतों को अपने पाले में खींचने में कामयाब हो पाता है।
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खूब चली जोर-आजमाइश
इस हॉट और हाई प्रोफाइल सीट पर भाजपा-सपा में प्रचार के दौरान खूब जोर-आजमाइश हुई। जनसभा करने आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दलित व पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की। गृहमंत्री अमित शाह ने केशव को छोटा भाई कहा और सपा पर हमला बोला। पल्लवी की छोटी बहन अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने भी उप मुख्यमंत्री के समर्थन में जनसभा कर वोट मांगा। वहीं, पल्लवी के लिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खुद जनसभा की। उन्होंने मौर्य को घेरने के साथ ही पल्लवी को जिले की बहू बताकर चुनाव जिताने की अपील की। सांसद जया बच्चन और पूर्व सांसद डिंपल यादव भी जनसभा कर चुकी हैं।  इस सबसे सिराथू का घमासान तेज हो गया है।


मुद्दे तो हैं...पर चेहरे का सवाल भी है
निजामपुर नौगीरा के भोला मिश्रा का कहना है कि किसान छुट्टा जानवरों से परेशान हैं। वहीं देवखरपुर के रतन त्रिपाठी कहते हैं, यहां विधायक का चुनाव नहीं है। जनता जिले के रास्ते प्रदेश का नेतृत्व करने वाला चेहरा भी देख रही है। उदहिन के कुलदीप श्रीवास्तव की भी राय है कि केशव के सत्ता में रहते हुए एक बड़े विकास की कल्पना की जा सकती है। नारा गांव के गुलाम वारिस का कहना है कि यहां बाहरी बनाम स्थानीय को लेकर भी समीकरण बन रहे हैं।

वोटों का गणित
3,80,838 कुल मतदाता
एससी 93 हजार
मुस्लिम 50 हजार
पटेल 30 हजार
मौर्या 28 हजार
ब्राह्मण 25 हजार
यादव 22 हजार
पाल 18 हजार
वैश्य 30 हजार
धोबी 12 हजार
अन्य जातियां 76 हजार
 

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