फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   When the audit started, the sale of medicines increased by 2.5 times

Lucknow News: ऑडिट शुरू हुआ तो ढाई गुना बिकने लगीं दवाएं

Mon, 26 May 2025 02:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Mon, 26 May 2025 02:00 AM IST
विज्ञापन
When the audit started, the sale of medicines increased by 2.5 times
लखनऊ। केजीएमयू में प्रिसक्रिप्शन ऑडिट शुरू होने का असर यहां की हाॅस्पिटल रिवाॅल्विंग फंड की दुकान पर भी दिखाई देने लगा। हड्डी रोग विभाग में अभी तक रोजाना काउंटर से महज 40 हजार की दवाएं बिकतीं थीं। पिछले सप्ताह से यहां एक लाख रुपये रोजाना की दवाएं बिकने लगी हैं।
विज्ञापन


केजीएमयू ने वर्ष 2016 से पीजीआई की तर्ज पर 2016 में हॉस्पिटल रिवाॅल्विंग फंड (एचआरएफ) के माध्यम से सस्ती दवाएं देने की शुरुआत की है। शुरुआत में टेंडर किए बिना पीजीआई के रेट पर कंपनी को ठेका दे दिया गया था। ये दवाएं सीधे कंपनी से खरीदी जाती हैं, इस वजह से इसमें विभिन्न स्तर के कमीशन की बचत होती है।
विज्ञापन


एचआरएफ की दवाओं पर मरीजों को 40 से 60 फीसदी तक छूट मिल जाती है। समस्या यह है कि अभी भी काफी दवाएं इन काउंटर पर नहीं मिल पा रहीं हैं। कुछ डाॅक्टर जानबूझकर मरीजों को एचआरएफ के बजाय विशेष ब्रांड और कंपनी की दवाएं ही लिख रहे हैं। इसकी वजह से मरीजों को बाजार जाकर महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसको देखते हुए केजीएमयू ने प्रिसक्रिप्शन ऑडिट शुरू किया है। इसमें मरीजों को लिखी जा रहीं दवाओं की जांच की जा रहीं हैं। इस प्रक्रिया से मरीजों को राहत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट


जुलाई में 2000 से 3500 हो जाएगी दवाओं की संख्या
केजीएमयू में इस समय करीब 2000 प्रकार की दवाएं मिल रहीं हैं। इसके बावजूद भी काफी दवाओं के लिए मरीजों को खुले बाजार में जाना पड़ रहा है। इसको देखते हुए केजीएमयू प्रशासन टेंडर करके इनकी संख्या 3500 तक करने जा रहा है। जुलाई में इनकी आपूर्ति शुरू हो जाएगी। ऐसा करने से मरीजों को ज्यादातर दवाएं एचआरएफ काउंटर पर ही मिल जाएंगी।


पीजीआई और लोहिया में मिल जाती हैं ज्यादातर दवाएं
केजीएमयू के एचआरएफ पर ज्यादातर समय मरीज सभी दवाएं नहीं मिलने की बात कहते हैं। वहीं दूसरी ओर लोहिया संस्थान और पीजीआई में काफी हद तक दवाएं मरीजों को मिल जाती हैं।



कोट-
कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद की मंशा मरीजों को सस्ती से सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध कराना है। इसलिए यदि कोई दवाएं एचआरएफ काउंटर पर नहीं मिल पा रहीं हैं तो फिर उनकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। हड्डी रोग विभाग के साथ ही अन्य विभागों में भी प्रिसक्रिप्शन ऑडिट शुरू किया जाएगा।
प्रो. केके सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयू
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed