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Lucknow News: थमे बसों और ट्रकों के पहिये, बेहाल रहे 50 हजार मुसाफिर

Tue, 02 Jan 2024 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Tue, 02 Jan 2024 12:19 AM IST
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Wheels of buses and trucks stopped, 50 thousand passengers remained in distress
रायबरेली। केंद्र सरकार के मोटर व्हीकल एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में सोमवार को जिले में बसों और ट्रकों के पहिये थम गए। सरकारी और प्राइवेट बसों का संचालन बंद होने के कारण करीब 50 हजार यात्रियों को गतंव्य तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। रोडवेज बसों का संचालन ठप रहा। सरकारी और प्राइवेट वाहनों के करीब 10 हजार चालकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। सभी ने नए एक्ट को निरस्त करने की मांग उठाई।
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जिले में प्रतिदिन रायबरेली डिपो की 151 और प्राइवेट 150 बसों का संचालन होता है। डिपो और प्राइवेट बसों से करीब 25-25 हजार यात्रियों का आना-जाना रहता है। सात हजार ट्रकों से मौरंग, सीमेंट समेत अन्य सामान लाने और ले जाने का काम किया जाता है। करीब 10 हजार वाहन चालक हैं।
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मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन को लेकर सुबह चालकों का गुस्सा भड़क उठा। सरकारी चालकों ने रोडवेज बस परिसर में बसों का चक्का जाम कर दिया। आवाज बुलंद की कि नया कानून वाहन चालकों के लिए उचित नहीं है। रायबरेली मोटर ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष राम मोहन श्रीवास्तव उर्फ रामू दादा की अगुवाई में मनीष पांडेय, बृजमोहन समेत अन्य चालकों ने अमावां रोड पर बिरला सीमेंट फैक्टरी के पास प्रदर्शन किया।
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चालकों ने कहा कि एक्ट में किए गए संशोधन के खिलाफ उन लोगों ने चक्का जाम किया है, जब तक केंद्र सरकार इस कानून को वापस नहीं लेती, तब तक चरणबद्ध तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। किसी भी प्रकार के वाहनों को चलने नहीं दिया जाएगा। ट्रक चालक सजा और पैसा क्यों भरेगा।

सर्दी में बेहाल रहे मुसाफिर, ट्रेनों से तय किया सफर
बसों के इंतजार में सर्दी में मुसाफिर ठिठुरते हुए नजर आए। सरकारी बसों का संचालन न होने के कारण बस स्टेशन पर सन्नाटा पसर गया। लखनऊ, कानपुर, दिल्ली समेत अन्य बड़े रूटों के अलावा छोटे रूटों से सफर करने वाले यात्रियों को मायूसी हाथ लगी। घंटों इंतजार के बाद बसों का संचालन नहीं हुुआ।
ऐसे में कई लोग रेलवे स्टेशन पहुंगे। ट्रेन के जरिए रवाना हुए। किसी ने बाइक या फिर चार पहिया वाहन बुलाकर गंतव्य स्थान जाने का प्रयास किया। अमर निवासी संदीप को बछरावां जाना था। सुबह आठ बजे बस स्टेशन पहुंच गए। बस न मिलने पर एक घंटे इंतजार के बाद संदीप रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने ट्रेन से बछरावां जाने की बात कही।
सत्य नगर निवासी नीरज शुक्ला को लखनऊ जाना था। साधन न मिलने पर वह घर लौट गए। इसी तरह बजरंग नगर निवासी आशीष श्रीवास्तव, शक्ति नगर निवासी अनुभव को बाहर जाना था। बस न मिलने पर अन्य वाहन से गंतव्य स्थान को निकले।

वाहन नाम संख्या
ट्रक 7000
प्राइवेट बस 1200
सरकारी बस 151
ऑटो रिक्शा 6000
टेंपो 5500
जेसीबी-डंफर 4000

मोटर व्हीकल एक्ट के संशोधन के विरोध में बस चालकों ने कार्य करना बंद कर दिया है। चालकों को कार्य करने की चेतावनी दी गई है। बसों का संचालन नहीं किया तो सख्त कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।
- एमएल केसरवानी, एआरएम, रायबरेली डिपो
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