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यूपी में गेहूं खरीद शुरू : सीएम ने ली तैयारियों की बैठक, बोले- किसानों को न हो परेशानी, समय से करें गेहूं का भुगतान

Thu, 31 Mar 2022 07:18 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 31 Mar 2022 07:18 PM IST
सार

सीएम योगी आदित्यनाथ ने संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर कहा कि किसानों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। समय से उनके गेहूं का भुगतान हो जाना चाहिए।

 

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Wheat procurement started in UP: CM took preparations meeting, said - farmers should not have trouble, pay wheat on time
गेहूं

विस्तार

प्रदेश भर में किसानों से गेहूं की खरीद आज से शुरू होगी। कुल छह हजार क्रय केंद्रों पर गेंहू की खरीद करने की तैयारियां हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर कहा कि किसानों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। समय से उनके गेहूं का भुगतान हो जाना चाहिए।

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रबी विपणन वर्ष 2022-23 के लिए शुरू हो रही खरीद एक अप्रैल से शुरू होकर 15 जून तक चलेगी। सरकार ने इस साल गेहूं का एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) 2015 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है और खरीद का लक्ष्य 60 लाख मीट्रिक टन रखा गया है। गेहूं की खरीद के लिए किसानों को वेबसाइट  https://fcs.up.gov.in पर आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा लेकिन धान बेचने के लिए विपणन वर्ष 2021-22 में जिन किसानों ने पंजीकरण कराया है तो उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं है। उन्हें अपने पुराने विवरण को अपडेट कर लॉक करना होगा।  
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बृहस्पतिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने में किसानों के समक्ष कोई समस्या नहीं आनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रय केंद्रों का चयन इस प्रकार किया जाए कि किसानों को अपना गेहूं बेचने के लिए अधिक दूरी तय न करना पड़े । भंडारण गोदामों और क्रय केंद्रों पर गेहूं की सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। पारदर्शिता के साथ खरीद की जाए और किसानों को उनकी उपज का भुगतान समयबद्ध कर दिया जाए। खरीद सीधे किसानों के माध्यम से की जाए और जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि एमएसपी से कम दर पर खरीद न हो। बिचौलियों की संलिप्तता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  किसानों को गेहूं के मूल्य का भुगतान उनके बैंक खाते में ही होगा। ऐसे में एक्टिव बैंक खाता ही पंजीयन विवरण में दिया जाना चाहिए।
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ये संस्थाएं खरीदेंगी गेहूं
गेहूं क्रय के लिए खाद्य विभाग की विपणन शाखा, मंडी परिषद, पीसीएफ, पीसीयूपीएसएस एसएफसी एवं भारतीय खाद्य निगम क्रय संस्था के रूप में नामित हैं। अच्छी साख एवं आर्थिक स्थिति वाले एफपीओ, एफपीसी, पंजीकृत सहकारी समितियों एवं मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी भी क्रय एजेंसियों से संबद्ध होकर गेहूं क्रय कर सकेंगी। प्रत्येक क्रय केन्द्र पर 2 इलेक्ट्रानिक कांटा, डस्टर अथवा विनोइंग फैन व छलना, नमी मापक यंत्र आदि उपकरण रखे जाएंगे। इनकी उपलब्धता की जिम्मेदारी मंडी परिषद की रखी गई है। केंद्रों पर किसानों के लिए बैठने, छाया एवं पेयजल की व्यवस्था करने के लिए भी कहा गया। सुनिश्चित करायी जायेगी।

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