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मिस्त्री वड़ोदरा, खत्री फैजाबाद, राम भरोसे सोनिया का 'हाथ'
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 26 Mar 2014 01:45 PM IST
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प्रदेश में लोकसभा चुनाव की दो चरणों की अधिसूचना जारी हो गई है। दूसरे चरण के लिए नामांकन पत्र भरने की बुधवार 26 मार्च को अंतिम तारीख है।
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लेकिन प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में चुनावी तैयारियां भगवान भरोसे चल रही हैं। दूसरे दलों की तुलना में कांग्रेस ही ऐसा राजनीतिक दल है जो तैयारियों के मामले में फिसड्डी साबित हो रहा है।
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यहां न तो वार रूम ढंग से काम कर रहा है और न ही कंट्रोल रूम। जो नेता यहां बैठते भी हैं वे अपनी मनमर्जी के मालिक हैं।
दरअसल, प्रदेश संगठन का यह हाल इसलिए हुआ है क्योंकि बड़े नेताओं ने इसे लावारिस छोड़ दिया है। प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में महासचिव हैं।
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आजकल वे दिल्ली में ही व्यस्त हैं। देश भर में कांग्रेस के जितने भी टिकट फाइनल हो रहे हैं उसकी सूची मधुसूदन मिस्त्री के हस्ताक्षर से ही जारी हो रही है। अब उन्हें वड़ोदरा से टिकट मिल गया है।
इस कारण वे प्रदेश पर कोई ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री खुद फैजाबाद से चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए वह अपने क्षेत्र से बाहर निकल ही नहीं पा रहे हैं।
ऐसे में प्रदेश कार्यालय केवल प्रवक्ताओं के भरोसे चल रहा है। यूं तो प्रवक्ताओं में दर्जन भर लोगों की टीम है लेकिन दिल्ली व प्रदेश के बीच समन्वय न होने के कारण किसी भी प्रवक्ता को कोई जानकारी नहीं रहती।
दिल्ली में यूपी के टिकट घोषित हो जाते हैं लेकिन देर रात तक प्रदेश कांग्रेस नेताओं को इसकी जानकारी नहीं होती। खुद प्रवक्ताओं को भी प्रत्याशियों की जानकारी मीडिया के जरिये ही होती है।
प्रदेश में राहुल गांधी का कार्यक्रम तय हो जाता है लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेताओं को इसकी जानकारी नहीं रहती।
अब हालत यह है कि कांग्रेस के प्रत्याशी तक खुद को अनाथ सा महसूस करने लगे हैं। उन्हें प्रदेश संगठन की ओर से कोई सहयोग नहीं मिल पा रहा है।
अभी प्रदेश कांग्रेस के दफ्तर में ऐसी कोई टीम नहीं बनी है जो आचार संहिता उल्लंघन की शिकायतों को जिलों से प्राप्त करे, चुनाव आयोग में जाकर शिकायत करे और वहां की कार्रवाई पर निगरानी रखे।
नंदी को टिकट से कांग्रेसी भी हैरत में
इलाहाबाद से सोमवार को नंद गोपाल गुप्ता उर्फ नंदी को टिकट देने से प्रदेश के कांग्रेसी नेता भी हैरान हैं। बसपा से हाल ही में निकाले गए नेता को कांग्रेस ने सीधे टिकट दे दिया है।
यह बात कांग्रेस संगठन के लोगों को हजम नहीं हो रही है। खुद कांग्रेसी कह रहे हैं कि नंदी ने पार्टी कब ज्वाइन की इसकी जानकारी किसी को नहीं है। केंद्रीय नेतृत्व ने सीधे उन्हें टिकट पकड़ा दिया है।
राहुल गांधी खुद इस बात की वकालत करते आए हैं कि किसी भी पैराशूट उम्मीदवार को टिकट नहीं देंगे लेकिन यूपी में ही उनका फार्मूला फेल हो गया है। कांग्रेस ने कई जगह बाहरी प्रत्याशियों को टिकट दे दिया है।