लखनऊ में आंधी से तबाही, पेड़ और खम्भे गिरे, ट्रेनों की रफ्तार थमी
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लखनऊ में आंधी और कुछ देर की बारिश ने बुधवार को तपिश से राहत तो दी, लेकिन बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई, जो देर रात तक सामान्य न हो सकी। महज 15 किमी. की रफ्तार से चली आंधी से बिजली व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर गई। बिजली गुल होने से पांच लाख लोग प्रभावित हुए। वहीं, ट्रैक पर पेड़ गिरने से कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।
जबकि इंदिरानगर में पेड़ गिरने से बिजली का खंभा तीन घरों पर गिर गया। हालांकि जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन घरों पर गिरी बिजली लाइन बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।
इंदिरानगर के अलावा गोमतीनगर के विशेष खंड की बत्ती भी गुल रही। इंदिरानगर के मुंशी पुलिया खंड के अधिशासी अभियंता पीके सिंह ने बताया कि अंधड़ और बारिश से 22 फीडर की सप्लाई ठप हो गई। रात 10 बजे तक सिर्फ 12 फीडर ही चालू हो पाए थे।
मुंशी पुलिया रिंग रोड व सेक्टर आठ में बिजली लाइन पर पेड़ गिरने के कारण बिजली सप्ताई ठप हो गई। नाराज लोग उपकेंद्र पर जा पहुंचे। उन्होंने बताया कि बिजली लाइन घरों पर गिरने से हादसा तो नहीं हुआ पर सप्लाई को चालू करने में काफी वक्त लगेगा। इससे इंदिरानगर का सी ब्लॉक सबसे अधिक प्रभावित हुआ।
...और थम गई ट्रेनों की रफ्तार
हाथी पार्क के पास स्थित ट्रैक पर आंधी की वजह से बुधवार शाम यूकेलिप्टिस का एक पेड़ गिर गया, इसकी वजह से ओवर हैड इक्विमेंट (ओएचई) वायर टूटे और पूर्वोत्तर रेलवे की कई ट्रेनों का संचालन आंशिक रूप से प्रभावित रहा। देर रात तक इसे सुचारु करने का प्रयास किया जाता रहा।
रेल अधिकारियों के अनुसार फिलहाल डीजल लोकोमोटिव से संचालित ट्रेनें चलाई जा रही हैं।कर्मचारियों के अनुसार फिलहाल आकस्मिक तौर पर बिजली से चलने वाले लोको संचालित नहीं होंगे, केवल डीजल की ट्रेनों का संचालन होगा।
इस घटना की वजह से अवध एक्सप्रेस, लखनऊ जंक्शन, कैफियत एक्सप्रेस आदि ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। इन ट्रेनों को घटना स्थल से पहले रोक दिया गया।