पाक से सिर्फ आतंकवाद के मुद्दे पर ही बात होगी: राजनाथ
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केंद्र सरकार का शुरू से स्पष्ट रुख रहा है कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती है। इतना ही नहीं पड़ोसी मुल्क को पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि बात होगी तो सिर्फ और सिर्फ आतंकवाद के मुद्दे पर।
देखते हैं, पड़ोसी क्या कहता है। ये बातें केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में कही। वे यहां भाजपा के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, पाकिस्तान लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। उसका रवैया सबके सामने है। इसके बावजूद भारत सदैव अपने पड़ोसी के साथ वार्ता का पक्षधर रहा है।
उन्होंने कहा, ऊफा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन मुद्दों पर बात शुरू की थी, बात वहीं से आगे बढ़ सकती है। अब पड़ोसी को तय करना है कि वह क्या करना चाहता है। बाद में जम्मू-कश्मीर में मसर्रत आलम की रिहाई से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि वह पूरी जानकारी लेने के बाद ही कुछ कहेंगे।
विपक्ष के पास काम नहीं, इसलिए उठा रहे सवाल
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मानसून सत्र के दौरान सदन से प्रधानमंत्री की गैरहाजिरी पर उठाए जा रहे सवालों पर उनका बचाव किया।
कहा, प्रधानमंत्री के लिए संसद में सदैव बैठना संभव नहीं होता है, लिहाजा उन्हें लगातार बैठना पड़ता है। इसलिए इस बार लखनऊ आने में देर भी हुई।
वहीं संसद न चलने देने के लिए विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने प्रधानमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि राजनीतिक विरोधी किसी काम के होने या न होने पर सवाल उठा सकते हैं।
पर, यह हर कोई मानता है कि मोदी सरकार के सवा साल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है।