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Lucknow News: संवेदना से समझेंगे पुलिसकर्मियों के मन की वेदना
Wed, 13 Aug 2025 02:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 13 Aug 2025 02:02 AM IST
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लखनऊ। पहली बार अब अपराधियों से सताए पीड़ितों की काउंसिलिंग करने वाले पुलिसकर्मियों के भी मन की वेदना को पढ़ा और समझा जाएगा। प्रख्यात मनोचिकित्सकों के विशेष सत्रों के जरिये इन पुलिसकर्मियों के मन की सेहत दुरुस्त की जाएगी। मंगलवार को महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन (डब्ल्यूसीएसओ) की ओर से इस दिशा में पहल की गई है। 1090 टेली-काउंसलर्स के बीच एक कार्यशाला के दौरान एडीजी पद्मजा चौहान व एसपी वृंदा शुक्ला ने यूनिसेफ के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य सेवा, संवेदना का शुभारंभ किया।
इससे पहले गोमतीनगर के 1090 चौराहा स्थित डब्ल्यूसीएसओ के कॉन्फ्रेंस हॉल में दिनभर चली निजी टेली-काउंसलरों की क्षमतावर्धन कार्यशाला में प्रदेशभर से शामिल हुए प्रतिभागियों को मनोचिकित्सक डॉ. सौम्या सिंह व अन्य ने पीड़ित महिलाओं को जज न करते हुए उनकी समस्या को धैर्य, सजगता और संवेदना के साथ सुनने के टिप्स दिए। समस्या जानने में क्यों, शब्द का इस्तेमाल करने, चेतावनी देने, लेक्चर देने, आरोप लगाने व उन्हें शर्मिंदा करने वाली बातचीत से बचने की सलाह दी। प्रदेश के अलग-अलग जिलों के डिग्री कॉलेजों से आईं 40 महिला काउंसलरों, प्रोफेसरों ने सवाल भी किए।
कार्यशाला के समापन पर मुख्य अतिथि व अपर पुलिस महानिदेशक (डब्ल्यूसीएसओ) पद्मजा चौहान ने कहा कि हम पहली बार महिला टेली-काउंसलरों के साथ बैठे हैं, उनको बेहतर काउंसिलिंग के टिप्स दिलवाए जा रहे हैं। कहा कि पुलिस विभाग में मेंटल सपोर्ट सिस्टम की जरूरत है। 2020 से लेकर अब तक 26000 घरेलू हिंसा के मामले निस्तारित कर परिवार टूटने से बचाए गए।
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एसपी वृंदा शुक्ला ने कहा कि अभी सिर्फ फैमिली काउंसलरों को मनोचिकित्सकों के जरिये विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। 1090 में सबसे ज्यादा युवतियों, महिलाओं से जुड़े छेड़छाड़ के मसले सामने आते हैं। ऐसे मामलों में पुरुष काउंसलर आरोपियों को डील करते हैं, जिनसे कई बार आरोपी बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में लगातार काम करते-करते ऐसे पुलिसकर्मियों को तनाव व अवसाद का सामना करना पड़ता है। ऐसे ही पुलिसकर्मियों के लिए यूनिसेफ के साथ मिलकर मानसिक स्वास्थ्य सेवा, संवेदना की लॉन्चिंग की गई है। यहीं पर पुलिस विभाग के अन्य कर्मियों के लिए भी मनोचिकित्सकों के सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान उत्कृष्ट काउंसलर को सम्मानित भी किया गया। एसपी विजय त्रिपाठी, रुक्मणी शर्मा, सीओ विनोद यादव, हितेंद्र कृष्णा, प्रियंका यादव आदि मौजूद रहे।
पति ने अनब्लॉक किया बच्चों का मोबाइल, 1090 को दिया धन्यवाद
कार्यशाला के दौरान एक पीड़ित महिला ने आपबीती सुनाते हुए 1090 को धन्यवाद दिया। कहा कि 16 साल की शादी में पति ने 14 साल बाद छोड़ दिया। ससुराल पक्ष ने मारपीट कर घर से निकाल दिया। मेरा और बच्चों का फोन पति ने ब्लॉक कर दिया। 1090 की मदद से पति ने बच्चों का फोन अनब्लॉक किया। एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया कि 1090 के तहत पीड़ित महिलाओं के लिए कंपलीट रिहैबिलिटेशन की कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाएगी।
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इससे पहले गोमतीनगर के 1090 चौराहा स्थित डब्ल्यूसीएसओ के कॉन्फ्रेंस हॉल में दिनभर चली निजी टेली-काउंसलरों की क्षमतावर्धन कार्यशाला में प्रदेशभर से शामिल हुए प्रतिभागियों को मनोचिकित्सक डॉ. सौम्या सिंह व अन्य ने पीड़ित महिलाओं को जज न करते हुए उनकी समस्या को धैर्य, सजगता और संवेदना के साथ सुनने के टिप्स दिए। समस्या जानने में क्यों, शब्द का इस्तेमाल करने, चेतावनी देने, लेक्चर देने, आरोप लगाने व उन्हें शर्मिंदा करने वाली बातचीत से बचने की सलाह दी। प्रदेश के अलग-अलग जिलों के डिग्री कॉलेजों से आईं 40 महिला काउंसलरों, प्रोफेसरों ने सवाल भी किए।
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कार्यशाला के समापन पर मुख्य अतिथि व अपर पुलिस महानिदेशक (डब्ल्यूसीएसओ) पद्मजा चौहान ने कहा कि हम पहली बार महिला टेली-काउंसलरों के साथ बैठे हैं, उनको बेहतर काउंसिलिंग के टिप्स दिलवाए जा रहे हैं। कहा कि पुलिस विभाग में मेंटल सपोर्ट सिस्टम की जरूरत है। 2020 से लेकर अब तक 26000 घरेलू हिंसा के मामले निस्तारित कर परिवार टूटने से बचाए गए।
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एसपी वृंदा शुक्ला ने कहा कि अभी सिर्फ फैमिली काउंसलरों को मनोचिकित्सकों के जरिये विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। 1090 में सबसे ज्यादा युवतियों, महिलाओं से जुड़े छेड़छाड़ के मसले सामने आते हैं। ऐसे मामलों में पुरुष काउंसलर आरोपियों को डील करते हैं, जिनसे कई बार आरोपी बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में लगातार काम करते-करते ऐसे पुलिसकर्मियों को तनाव व अवसाद का सामना करना पड़ता है। ऐसे ही पुलिसकर्मियों के लिए यूनिसेफ के साथ मिलकर मानसिक स्वास्थ्य सेवा, संवेदना की लॉन्चिंग की गई है। यहीं पर पुलिस विभाग के अन्य कर्मियों के लिए भी मनोचिकित्सकों के सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान उत्कृष्ट काउंसलर को सम्मानित भी किया गया। एसपी विजय त्रिपाठी, रुक्मणी शर्मा, सीओ विनोद यादव, हितेंद्र कृष्णा, प्रियंका यादव आदि मौजूद रहे।
पति ने अनब्लॉक किया बच्चों का मोबाइल, 1090 को दिया धन्यवाद
कार्यशाला के दौरान एक पीड़ित महिला ने आपबीती सुनाते हुए 1090 को धन्यवाद दिया। कहा कि 16 साल की शादी में पति ने 14 साल बाद छोड़ दिया। ससुराल पक्ष ने मारपीट कर घर से निकाल दिया। मेरा और बच्चों का फोन पति ने ब्लॉक कर दिया। 1090 की मदद से पति ने बच्चों का फोन अनब्लॉक किया। एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया कि 1090 के तहत पीड़ित महिलाओं के लिए कंपलीट रिहैबिलिटेशन की कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाएगी।