लोकायुक्त विवाद से परेशान सपा, शिवपाल ने दी सफाई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने रविवार को यहां सफाई दी कि जस्टिस वीरेंद्र सिंह से उनकी कोई रिश्तेदारी नहीं है।
इससे साफ हो गया है कि लोकायुक्त चयन के विवाद की तपिश अब सपा को परेशान करने लगी है। वह किसी न किसी तरह इस मामले का पटाक्षेप चाहती है। तभी शिवपाल को सफाई देने के लिए आगे आना पड़ा।
शिवपाल ने कहा, जस्टिस वीरेंद्र सिंह के लोकायुक्त पद पर नियुक्ति के संबंध में ऐसी खबरें आई हैं कि उनका मेरे परिवार से वैवाहिक संबंध है। शिवपाल ने स्पष्ट किया है, ‘वीरेंद्र सिंह से मेरे पारिवारिक संबंध या वैवाहिक रिश्तेदारी दूर-दूर तक नहीं है।
इस प्रकार की समस्त खबरें निराधार हैं।’ मालूम हो कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जस्टिस वीरेंद्र सिंह को लोकायुक्त पद पर नियुक्त करने के निर्देश देने के बाद इस तरह की खबरें चर्चा में आई थीं कि जस्टिस सिंह की सपा के वरिष्ठ मंत्री शिवपाल सिंह से नजदीकी रिश्तेदारी है। शिवपाल की चिट्ठी को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने चार जनवरी तक लगाई रोक
प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ के यह आपत्ति उठाने के बाद कि उनके सामने रखे गए पैनल में जस्टिस वीरेंद्र सिंह का नाम ही नहीं था, देश की शीर्ष अदालत ने जस्टिस सिंह की शपथ पर 4 जनवरी तक रोक लगा रखी है।
राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि सपा की कोशिश है कि किसी तरह लोकायुक्त चयन का मामला निपट जाए।
इसीलिए शिवपाल ने सफाई देकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि प्रदेश सरकार द्वारा जस्टिस वीरेंद्र का नाम सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश किए गए पैनल में रखने के पीछे रिश्तेदारी या पारिवारिक संबंध जैसी बात नहीं है।