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अब पानी की फिजूलखर्ची पड़ेगी महंगी, तीन से सात गुना तक भरना होगा टैक्स
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 19 Feb 2018 11:41 AM IST
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शहर में पानी की खपत के आधार पर वाटर टैक्स वसूल किए जाने की शुरुआत स्मार्ट सिटी योजना में एरिया बेस्ड डवलपमेंट (एबीडी) के लिए चुने गए कैसरबाग क्षेत्र से होगी। यह शहर का पहला ऐसा क्षेत्र होगा जहां पर पानी की सप्लाई 24 घंटे होगी। लोगों को सुविधा देने के साथ जेब ढीली करने की भी तैयारी है।
जलकर की जो दरें तय की गई हैं, उसके हिसाब से लोगों को वर्तमान दर से न्यूनतम तीन गुना रेट पर वाटर टैक्स भरना होगा। यही नहीं ज्यादा पानी खर्च किया तो सात गुना तक भुगतान करना पड़ सकता है।
डीएन यादव, महाप्रबंधक जल निगम के महाप्रबंधक डीएन यादव का कहना है कि कैसरबाग क्षेत्र में पेयजल को लेकर जो काम स्मार्ट सिटी योजना के तहत किए जाने हैं, उसमें वाटर सप्लाई का पूरा अलग सिस्टम बनाया जाएगा। इसमें जोनल वाटर पंपिंग स्टेशन और भूमिगत जलाशय बनाने के लिए जमीन भी मिल गई है।
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स्मार्ट सिटी मिशन के तहत यहां पानी के मीटर भी लगेंगे। इसके बाद शहर के अन्य क्षेत्रों में भी वाटर मीटर लगेंगे। अमृत मिशन योजना में वाटर मीटर पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मीटर लगने के बाद किस दर से पानी का बिल लिया जाएगा, इसे भी तय कर लिया गया है।
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जलकर की जो दरें तय की गई हैं, उसके हिसाब से लोगों को वर्तमान दर से न्यूनतम तीन गुना रेट पर वाटर टैक्स भरना होगा। यही नहीं ज्यादा पानी खर्च किया तो सात गुना तक भुगतान करना पड़ सकता है।
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डीएन यादव, महाप्रबंधक जल निगम के महाप्रबंधक डीएन यादव का कहना है कि कैसरबाग क्षेत्र में पेयजल को लेकर जो काम स्मार्ट सिटी योजना के तहत किए जाने हैं, उसमें वाटर सप्लाई का पूरा अलग सिस्टम बनाया जाएगा। इसमें जोनल वाटर पंपिंग स्टेशन और भूमिगत जलाशय बनाने के लिए जमीन भी मिल गई है।
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स्मार्ट सिटी मिशन के तहत यहां पानी के मीटर भी लगेंगे। इसके बाद शहर के अन्य क्षेत्रों में भी वाटर मीटर लगेंगे। अमृत मिशन योजना में वाटर मीटर पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मीटर लगने के बाद किस दर से पानी का बिल लिया जाएगा, इसे भी तय कर लिया गया है।
चार श्रेणियों में होगी बिल की वसूली
अभी आवासीय भवनों से एक समान (दो रुपये प्रति किलोलीटर) जल मूल्य लिया जाता है, चाहे वह कम खर्च करता हो या ज्यादा। मीटर लगने के बाद यह व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। इसमें पानी की खपत के आधार पर बिल लिया जाएगा। इसके लिए आवासीय भवनों को चार श्रेणियों में बांटकर उसी आधार पर मूल्य तय किया गया है।
आवासीय जल मूल्य की प्रस्तावित दरें
पानी खर्च दर प्रति किलो लीटर प्रतिदिन
0 से 03 किलो लीटर 6.00 रुपये
03 से 05 किलो लीटर 8.00 रुपये
05 से 10 किलो लीटर 10.00 रुपये
10 किलो लीटर से अधिक 15.00 रुपये
आवासीय जल मूल्य की प्रस्तावित दरें
पानी खर्च दर प्रति किलो लीटर प्रतिदिन
0 से 03 किलो लीटर 6.00 रुपये
03 से 05 किलो लीटर 8.00 रुपये
05 से 10 किलो लीटर 10.00 रुपये
10 किलो लीटर से अधिक 15.00 रुपये
जेएनएनयूआरएम में नहीं हो पाया था काम
दस साल पहले जेएनएनयूआरएम में जब शहर के लिए 643 करोड़ रुपये लागत की पेयजल योजना पास की गई थी तो उसमें यह शर्त भी थी कि नगर निगम की ओर से पानी के मीटर लगाए जाएंगे। ताकि पानी का दुरुपयोग रोका जा सके और खर्च के हिसाब से पानी का टैक्स लिया जाए। लेकिन सरकारों की आपसी खींचतान के कारण मीटर नहीं लग पाए। अब अमृत मिशन और स्मार्ट सिटी मिशन में भी वाटर मीटर लगाए जाने का प्रावधान किया गया है।
अमृत मिशन के तहत मीटर लगाए जाने का काम शुरू हो चुका है। इसके बाद अब स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल किए गए क्षेत्र में एरिया वेस्ड डवलपमेंट के तहत वाटर सप्लाई की नई व्यवस्था में मीटर भी लगाए जाएंगे।
अमृत मिशन के तहत मीटर लगाए जाने का काम शुरू हो चुका है। इसके बाद अब स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल किए गए क्षेत्र में एरिया वेस्ड डवलपमेंट के तहत वाटर सप्लाई की नई व्यवस्था में मीटर भी लगाए जाएंगे।