यूपी में पांच सीटों पर बंपर वोटिंग, 43 से 87 फीसदी मतदान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधान परिषद की शिक्षक व स्नातक की पांच निर्वाचन सीट के लिए शुक्रवार को हुए मतदान में 43 से लेकर 87 फीसदी तक मतदान हुआ।
स्नातक निर्वाचन सीट में 43 से 55 फीसदी तक मत पड़े हैं। जबकि, इलाहाबाद-झांसी शिक्षक सीट के लिए 87 फीसदी वोट पड़े। वैसे तो कानपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए भी 81 प्रतिशत मतदान हुआ था, लेकिन यहां पर गड़बड़ी के कारण मतदान रद्द कर दिया गया है। अब छह फरवरी को यहां फिर मतदान होगा।
परिषद में स्नातक की तीन सीटों गोरखपुर-फैजाबाद, कानपुर और बरेली-मुरादाबाद सीट के लिए 29 जिलों में शुक्रवार को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान हुआ। जबकि, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की दो सीटों इलाहाबाद-झांसी व कानपुर सीट के लिए भी शुक्रवार को ही वोट डाले गए।
इन सीटों पर इतने फीसदी हुआ मतदान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के ओएसडी अतीक अहमद सिद्दीकी ने बताया कि सभी जगह शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न हुए हैं। छिटपुट शिकायतों को छोड़कर बाकी किसी जगह से कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है।
बरेली मुरादाबाद स्नातक सीट पर 42.92 फीसदी, गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक सीट पर 54.83 फीसदी और कानपुर स्नातक सीट पर 51.79 फीसदी मतदान हुआ है।
कानपुर में प्रत्याशियों की गलत फोटो लग गई थी
कानपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतपत्र में दो निर्दलीय प्रत्याशियों की फोटो आपस में बदल गईं। मतदान के बाद इसका पता चला। तब तक यहां 80.94 फीसदी वोट पड़ चुके थे।
मामले की जानकारी चुनाव आयोग को दी गई। इस पर चुनाव आयोग ने शुक्रवार को हुए मतदान को रद्द कर दिया है। अब छह फरवरी को फिर मतदान होगा।
निर्वाचन आयोग ने जताई नाराजगी
कानपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में लापरवाही के कारण मतपत्र में हुई गड़बड़ी को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग की नाराजगी इस बात पर है कि मतदान से पहले बैलट पेपर की गंभीरता से जांच क्यों नहीं की गई।
इस मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी से गड़बड़ी के लिए दोषियों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद दोषी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
अब सात या आठ फरवरी को होगी मतगणना
कानपुर शिक्षक सीट पर दोबारा मतदान होने के कारण अब मतगणना सात या आठ फरवरी को होगी। पहले मतगणना छह फरवरी को होनी थी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनाव आयोग से इसकी इजाजत मांगी है।