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लखनऊ बार एसोसिएशन चुनाव: मतगणना पर लगी रोक
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लखनऊ। लखनऊ बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव के लिए हुए मतदान में जारी मतपत्रों और बायोमीट्रिक की संख्या में अंतर आने व धांधली का आरोप लगने के बाद शनिवार को होने वाली मतगणना रोक दी गई। इसके पहले चुनाव कमेटी और प्रत्याशियों की बैठक लखनऊ बार में हुई जहां चर्चा के दौरान प्रत्याशियों ने मतदान में धांधली और बेइमानी करने का आरोप लगाया।
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हंगामे के बीच महासचिव पद के प्रत्याशी देवेश जायसवाल ने चुनाव कमेटी से कहा कि पूरे घटनाक्रम को हाईकोर्ट को अवगत कराया जाए और हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार अगली कार्यवाही की जाए। उन्होंने मांग की कि तब तक मतपत्रों समेत पूरी चुनावी सामग्री को जिला प्रशासन की निगरानी में रखा जाए और धांधली की रिपोर्ट दर्ज की जाए।
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महासचिव पद के अन्य प्रत्याशी रमेश प्रसाद तिवारी ने कहा कि मतपत्रों व बायोमीट्रिक डाटा में काफी अंतर आ रहा है। इससे लगता है कि कोई चूक या फर्जीवाड़ा किया गया है। लिहाजा शुक्रवार को सम्पन्न हुए मतदान को निरस्त कर शीघ्र पुनर्मतदान कराया जाए।
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वार्षिक चुनाव कराने के लिए हाईकोर्ट ने गोपाल नारायण मिश्रा के नेतृत्व में 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इसी कमेटी ने बायोमीट्रिक जांच के बाद 11 अक्तूबर को मतदान सम्पन्न कराया था। मतदान के बाद मतपेटियां सील करने के समय जब बायोमीट्रिक डाटा का मतपत्रों से मिलान कराया गया तो पता चला कि बायोमीट्रिक मशीन से 34,42 मतदाताओं ने अपनी जांच कराई लेकिन मतपत्र 3879 जारी कर दिए गए जबकि व्यवस्था के अनुसार जिसकी बायोमीट्रिक जांच होगी, उसे ही वैध मतदाता मानकर मतपत्र दिए जायेंगे।
यह अंतर सामने आते ही प्रत्याशियों ने धांधली और बेईमानी का आरोप लगाया जिस पर कमेटी ने शनिवार को बैठक बुलाकर निर्णय लिया कि 21 अक्तूबर को सारी स्थिति से हाईकोर्ट को अवगत कराया जाए और हाईकोर्ट के अगले आदेशों तक मतगणना रोक दी जाए।