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हिंदुओं की आस्था को भी अपनी प्राथमिकता समझे सुप्रीम कोर्ट, सुनवाई टलने से आक्रोश: विश्व हिंदू परिषद

Wed, 14 Nov 2018 06:47 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 14 Nov 2018 06:47 PM IST
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vishwa hindu parishad on delaying justice on ram temple by supreme court.
प्रेस कांफ्रेंस में विश्व हिंदू परिषद के अन्तर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय व अन्य। - फोटो : amar ujala

विश्व हिंदू परिषद का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट को देश के हिंदू समाज की आस्था को भी प्राथमिकता समझना चाहिए। विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि मंदिर निर्माण के मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय के टालमटोल रवैये के बाद विहिप ने 25 नवंबर को अयोध्या में धर्मसभा से मंदिर निर्माण का शंखनाद करने का निर्णय किया है।

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बुधवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में विहिप के राय ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में राम मंदिर निर्माण पर सुनवाई टलने से हिंदुओं में आक्रोश है। हिंदू समाज की भावना को देखते हुए ही 25 नवंबर को अयोध्या में धर्मसभा का आयोजन रखा गया है। अयोध्या की धर्मसभा में एक लाख से अधिक रामभक्त शामिल होंगे। इसी दिन बैंगलोर में भी धर्मसभा का आयोजन रखा गया है।
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उन्होंने बताया कि नवम्बर में ही सभी संसदीय क्षेत्रों में भी जन सभाएं की जाएगी। विहिप के प्रतिनिधि साधु संतों के साथ सांसदों से मुलाकात कर उन्हें संसद में कानून बनाकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने का आग्रह करेंगे।
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उन्होंने बताया कि 9 दिसम्बर को दिल्ली में भी एक धर्मसभा का आयोजन किया जाएगा, इसमें पांच लाख से अधिक हिन्दू शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए 26 दिसम्बर तक प्रत्येक पूजा स्थान, मठ, मंदिर, आश्रम, गुरुद्वारा और घरों में स्थानीय परम्परा के अनुसार अनुष्ठान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 18 दिसंबर के बाद तहसील और ब्लॉक लेवेल पर 5000 कार्यक्रम करेंगे।

जल्द लिया जाना चाहिए निर्णय

उन्होंने कहा कि सरकार के पास विकल्प खुला है, यदि एक संवैधानिक संस्था निर्णय करने में हिचक रही है तो संसद को कानून बनाकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। सरकार अदालत को बताए कि देश की परिस्थिति ऐसी है इसलिए मंदिर निर्माण पर जल्द निर्णय किया जाए।

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