लालबत्ती न सही, सुविधाएं पाएंगे ‘महानुभाव’
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प्रदेश सरकार विभिन्न विभागों, निगमों व संस्थानों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सलाहकार के पद पर नियुक्त होने वाले ‘महानुभावों’ को अब मंत्री का दर्जा तो नहीं देगी लेकिन उन्हें कई सुविधाएं पहले जैसे मिलेंगी।
वे लालबत्ती नहीं लगा पाएंगे लेकिन मानदेय, वाहन, यात्रा भत्ते जैसी सुविधाएं पाएंगे। इस संबंध में जल्दी ही आदेश जारी करने की तैयारी है।
शासन ने न्यायालय के आदेश पर अमल कर पिछले दिनों विभिन्न विभागों, आयोगों व संस्थानों में नियुक्त दर्जा प्राप्त मंत्रियों को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सलाहकार के पद से हटा दिया था।
सरकार ने दर्जा प्राप्त मंत्रियों को फिर से बिना मंत्री का दर्जा दिए उपाध्यक्ष व सलाहकार बनाना शुरू कर दिया है। पूर्व में नियुक्त अध्यक्षों, सलाहकारों व उपाध्यक्षों को लाल बत्ती लगाने से लेकर वेतन भत्ते से जुड़ी सुविधाएं मंत्री स्तर का दर्जा पाने की वजह से मिलती थी।
अब मंत्री का दर्जा न होने से उन्हें इस तरह की सुविधाएं देने में अड़चन आ रही थी। सरकार ने इसका रास्ता निकाल लिया।
मिलेंगी ये सुविधाएं
सूत्रों का कहना है कि सरकार ने तय किया है कि वह अध्यक्षों, सलाहकारों व उपाध्यक्षों को मंत्री का दर्जा नहीं देगी लेकिन उन्हें मानदेय, आवास व कई दूसरी सुविधाएं पहले जैसी ही दी जाएं।
अध्यक्ष व सलाहकारों को 40 हजार रुपये तथा गैर सरकारी उपाध्यक्ष को 35 हजार रुपये मानदेय के रूप में दिए जा सकते हैं। पहले भी ऐसी ही व्यवस्था थी।
सरकारी आवास न लेने वालों को 10 हजार रुपये गैर आवासीय भत्ता आदि भी पहले जैसे मिल सकता है। शीर्ष स्तर पर इस संबंध में सहमति बन चुकी है। जल्द ही आदेश जारी करने की तैयारी है।