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Lucknow News: लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी चल रहा था विनोद अस्पताल
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लखनऊ। लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी गोमतीनगर स्थित विनोद अस्पताल चलता रहा। बृहस्पतिवार को मरीज की शिकायत मिलने पर डीएम ने सीएमओ को अस्पताल के संचालन पर रोक के निर्देश दिए। इसके बाद अस्पताल पर नोटिस चस्पा किया गया। नोटिस लगने बाद संचालक ने अस्पताल बंद कर दिया है।
गोमतीनगर के खरगापुर कौशलपुरी निवासी नीरज मिश्रा वर्ष 2022 में सड़क हादसे में जख्मी हो गए थे। उन्हें पास के विनोद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दाहिने पैर की हड्डी टूटने पर डॉक्टर ने ऑपरेशन की बात कही। 29 अप्रैल 2022 को आधी रात में विनोद अस्पताल से नीरज को कुर्सी रोड के ग्रीन सिटी हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया। यहां देर रात ऑपरेशन कर रॉड डाली गई। इसके आधे घंटे बाद नीरज को दोबारा विनोद हॉस्पिटल भेज दिया गया, जहां वह 14 दिन तक भर्ती रहे। डिस्चार्ज होने के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। फिर एक-एक कर उनके आठ ऑपरेशन किए गए, जिनमें लाखों रुपये खर्च हुए।
नीरज ने सीएमओ कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज कराई। दोनों पक्षों के बयान व साक्ष्य के आधार पर कमेटी ने विनोद अस्पताल को दोषी पाया। 18 जुलाई को इसका लाइसेंस निरस्त करने का आदेश कर खानापूर्ति कर दी गई थी। उधर, अस्पताल चलता रहा। नीरज ने डीएम से शिकायत की तो सख्ती हुई। सीएमओ ऑफिस से पहुंची टीम ने अस्पताल बंद करने का नोटिस चस्पा किया। इसके बाद संचालक ने मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट कराकर अस्पताल बंद कर दिया है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि अस्पताल बंद करा दिया गया है। अस्पताल संचालक डॉ. विनोद का कहना है अस्पताल अब पूरी तरह बंद है।
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गोमतीनगर के खरगापुर कौशलपुरी निवासी नीरज मिश्रा वर्ष 2022 में सड़क हादसे में जख्मी हो गए थे। उन्हें पास के विनोद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दाहिने पैर की हड्डी टूटने पर डॉक्टर ने ऑपरेशन की बात कही। 29 अप्रैल 2022 को आधी रात में विनोद अस्पताल से नीरज को कुर्सी रोड के ग्रीन सिटी हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया। यहां देर रात ऑपरेशन कर रॉड डाली गई। इसके आधे घंटे बाद नीरज को दोबारा विनोद हॉस्पिटल भेज दिया गया, जहां वह 14 दिन तक भर्ती रहे। डिस्चार्ज होने के बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। फिर एक-एक कर उनके आठ ऑपरेशन किए गए, जिनमें लाखों रुपये खर्च हुए।
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नीरज ने सीएमओ कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज कराई। दोनों पक्षों के बयान व साक्ष्य के आधार पर कमेटी ने विनोद अस्पताल को दोषी पाया। 18 जुलाई को इसका लाइसेंस निरस्त करने का आदेश कर खानापूर्ति कर दी गई थी। उधर, अस्पताल चलता रहा। नीरज ने डीएम से शिकायत की तो सख्ती हुई। सीएमओ ऑफिस से पहुंची टीम ने अस्पताल बंद करने का नोटिस चस्पा किया। इसके बाद संचालक ने मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट कराकर अस्पताल बंद कर दिया है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि अस्पताल बंद करा दिया गया है। अस्पताल संचालक डॉ. विनोद का कहना है अस्पताल अब पूरी तरह बंद है।
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