फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Village poor, not farmer in BJP's priority: Akhilesh

भाजपा की प्राथमिकता में गांव गरीब, किसान नहीं: अखिलेश

Thu, 17 Dec 2020 12:46 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 17 Dec 2020 12:46 AM IST
विज्ञापन
Village poor, not farmer in BJP's priority: Akhilesh
अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि अब यह बात स्पष्ट हो गया है कि भाजपा की प्राथमिकता में गांव, गरीब और किसान नहीं है। भाजपा कारपोरेट घरानों का हित साधन करती है। कड़ाके की ठंड में हजारों किसान खेती बचाने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। कई अपनी जान भी गंवा बैठे हैं, लेकिन भाजपा सरकार अंधी-बहरी बनी हुई है। हद तो यह है कि एक ओर वार्ता का ढोंग किया जा रहा है और दूसरी तक किसान आंदोलन को बदनाम करने की भी कुचेष्टा की जा रही है।
विज्ञापन


अखिलेश यादव ने बुधवार को बयान में कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों की आवाज को दबाने के लिए दमन का सहारा लिया है। किसानों व उनके समर्थन में खड़े लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। कितने ही लोग जेल यातना सह रहे हैं। लेकिन, बेख़बर सरकार कदमताल की स्थिति में है। घोषणाएं तो बहुत हो रही हैं लेकिन परिणाम शून्य निकलता है। दिखावे कों उछलकूद बहुत है पर गाड़ी एक कदम भी आगे नहीं बढ़ती दिखती है। वस्तुत: भाजपा सरकार नान-स्टार्टिंग है। ऐसी सरकार जो है तो डबल इंजन की लेकिन परंतु स्टार्ट नहीं हो पाई है। स्वयं प्रधानमंत्री, उनके मंत्री व भाजपा के छोटे बड़े सैकड़ों नेता कृषि सुधार कानूनों के पक्ष में स्वयं प्रचारक बनकर किसानों के खिलाफ  मैदान में उतर आए हैं।
विज्ञापन


सपा अध्यक्ष ने कहा, किसान व उनके समर्थक सड़कों पर हैं लेकिन मुख्यमंत्री और उनकी सरकार उड़ने का रिकार्ड बनाने में लगी हैं। अब हार थककर कार से चलने की घोषणा कर रहे हैं। वह कहां और क्यों जा रहे हैं, यह दिशाहीनता राज्य को भारी पड़ेगी। चार वर्ष में उनके काम काज का रिपोर्ट कार्ड शून्य रहा है। प्रदेश में विकास कार्य ठप हैं। जनहित की एक भी योजना लागू नहीं है। समाजवादी सरकार के कामों को ही अपना बनाकर किसी तरह इज्जत बचाई जा रही हैं। इस सच्चाई से राज्य की जनता अवगत है। उन्होंने कहा, सरकार ने समाजवादी कार्यकर्ताओं को जेल भेजा है, किसानों की गिरफ्तारी की है क्योंकि सपा के अधिकतर कार्यकर्ता किसान ही हैं। सपा इस संघर्ष में किसान, मजदूर, नौजवान, व्यापारी दुकानदार, कारोबारी सब साथ हैं क्योंकि कृषि कानूनों का असर सब पर पड़ना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed