बिकरू कांड के लिए विकास दुबे की पत्नी ने पीड़ित परिवारों से माफी मांगी
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कानपुर के बिकरू गांव में 2 जुलाई की रात क्षेत्राधिकारी सहित आठ पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या और आठ पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करने के मुख्य आरोपी विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे ने मुख्यमंत्री सहित पीड़ित परिवारों से माफी मांगी है। शुक्रवार को अमर उजाला से बातचीत के दौरान रिचा दुबे ने कहा कि विकास दुबे ने जो कृत्य किया था। वह दंडनीय है। इसकी कोई माफी नहीं हो सकती लेकिन इससे कांड से बच्चे और पत्नी का कोई लेना देना नहीं है । वह बार-बार दावा कर रही थी कि हैवी एंजाइटीज बीमारी के कारण उसे गुस्सा आ जाता था इसी गुस्से के कारण इतनी बड़ी और दर्दनाक वारदात को अंजाम दे दिया।
रिचा दुबे ने बताया कि 2 जुलाई की रात करीब 2:00 बजे विकास दुबे ने फोन कर सूचना दी कि गांव में उसका विवाद हो गया और वह बच्चों को लेकर घर से कहीं छुपने के लिए निकल जाए। इस फोन के दौरान विकास और रिचा के बीच में काफी कहासुनी हुई गुस्से में रिचा ने अपना मोबाइल भी पटक दिया। इसके बाद वह पैदल ही दोनों बच्चों को लेकर निकल गई।
रिचा के मुताबिक उन्हें यह समझ नहीं आ रहा था कहां जाना है। कॉलोनी में उनके देवर का मकान था । लेकिन वह भी विकास के इस कृत्य के कारण खुद को सुरक्षित करने के लिए घर छोड़ चुके थे। ऐसे में रिचा ने अपने दोनों बेटों के साथ फिनिक्स मॉल के पास एक निर्माणाधीन कांप्लेक्स की छत पर पनाह ली । जहां रात के अंधेरे में खुले आसमान के नीचे सोती रही दिन में छिपाकर बच्चों के साथ इधर-उधर समय काट रही थी।
बेटे की बीमारी की वजह से नहीं आई पुलिस के सामने
रिचा के मुताबिक वह वारदात के दूसरे दिन ही पुलिस के सामने आना चाहती थी। लेकिन उसका बड़ा बेटा बीमार था। उसे इस बात का डर सता रहा था कि कहीं पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेगी तो उसके बड़े बेटे की देखरेख कौन करेगा। 5 दिनों तक वह निर्माणाधीन कांप्लेक्स की छत पर रही इसके बाद अपने घर की तरफ रुख किया तो घर के पास कुछ दूरी पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया इस दौरान उसका बड़ा बेटा भी साथ में था। लेकिन उसके जूते का फीता खुल गया था वह फीता बांध रहा था। इसी दौरान पुलिस ने छोटे बेटे और रिचा को पकड़ लिया। पुलिस को देखकर वह घबरा गया और पास के एक रास्ते से होते हुए दूसरी तरफ चला गया।
बच्चों को पढ़ाने और काबिल बनाने के लिए अलग रहती थी
रिचा के मुताबिक उसके बच्चे पढ़ने में होनहार थे उन पर पिता की गलत गतिविधियों का साया न पड़े। इसके लिए वह अलग रहने लगी। ताकि बच्चे पढ़ लिखकर काबिल बन सके बड़ा बेटा एमबीबीएस के 3 साल की पढ़ाई पूरी कर चुका है। वहीं छोटा बेटा भी हाई स्कूल में 91% अंकों के साथ पास हुआ है।
रिचा ने बताया कि विकास दुबे से शादी के 2 साल बाद अलग होकर अपने मायके शास्त्री नगर में रहने लगी थी। 7 साल मां के साथ रही उसके बाद लखनऊ आ गई। लखनऊ में विकास दुबे का आना जाना था। कभी वह एक दिन तो कभी दो दिन रुक कर फिर वापस गांव चला जाता था।
रिचा का और बच्चों का गांव आना जाना भी सिर्फ किसी विशेष आयोजन पर ही होता था। रिचा के मुताबिक करोड़ों की संपति होने का दावा किया जा रहा है। जो गलत है ईडी इसकी जांच कर रही है। हकीकत जो भी होगी सामने आ जाएगी। उसे देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।