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हटाई जाएगी वक्फ पर बनी माल्या की शराब फैक्ट्री

Fri, 05 Feb 2016 02:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 05 Feb 2016 02:35 AM IST
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Vijay Mallya liquor factory to be removed.

शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने मेरठ में वक्फ की जमीन पर बनी विजय माल्या की शराब फैक्ट्री को अवैध घोषित करते हुए उन पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। यूनाइटेड स्प्रिट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक विजय माल्या की फैक्ट्री 10 बीघा में बनी है। इस जमीन की ही कीमत करीबन 500 करोड़ है।

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बोर्ड ने इसे हटाने का आदेश देते हुए 13 लोगों पर मुकदमा दर्ज करने को कहा है। मेरठ के डीएम और पुलिस कप्तान को भेजे पत्र में सख्त लहजा अपनाते हुए बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा है कि अगर कोई कोताही हुई तो अफसरों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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वसीम रिजवी ने गुरुवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मेरठ के अब्दुल्लापुर में जिस जमीन पर यूनाइटेड स्प्रिट्स प्रा. लिमिटेड की फैक्ट्री है, वह शिया वक्फ बोर्ड की है।
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जमीन 26 अप्रैल 1918 से स्व. सैयद मोहम्मद के नाम से बोर्ड में दर्ज है। वक्फ संपत्ति घोषित होने के बाद इस जमीन का इस्तेमाल जनहित या धार्मिक कार्यों के लिए हो सकता है, लेकिन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इस पर शराब फैक्ट्री चलाई जा रही है।

मांगा गया विजय माल्या का भी पक्ष

Vijay Mallya liquor factory to be removed.

उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद कंपनी के निदेशक विजय माल्या को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा गया।

माल्या का पक्ष जानने के बाद बोर्ड ने पाया कि वाकिफ के ही परिवार के लोगों ने वक्फ की वास्तविकता छिपाकर अवैध किरायानामा व अवैध रूप से बैनामा किया।

सारे तथ्यों को देखने के बाद बोर्ड ने पाया कि यह संपत्ति वक्फ की है। उन्होंने बताया कि इस मामले में षड्यंत्र करने में 1937 के पट्टाधारकों और 1965 में जमीन को बेचने व खरीदने वालों को दोषी पाया गया, लेकिन इन लोगों की मौत हो चुकी है।

इन पर होगा मुकदमा

Vijay Mallya liquor factory to be removed.

मेरठ की मेसर्स यूनाइटेड स्प्रिट्स प्रा. लिमिटेड के सीईओ आनंद कृपालु, निदेशकों विजय माल्या, निकोलस बोडो ब्लासक्वेस, राजीव गुप्ता, महेंद्र कुमार शर्मा, रविराज गोपाल, सुधाकर राव, शिवानंधन धनुष कोहड़ी, प्रबंध निदेशक एम. कृपालु, निदेशक इंदु रंजीत साहनी, सचिव रामचंद्रन वेंकटेशन अय्यर, सीएफओ संजीव चूड़ीवाला, वरिष्ठ महाप्रबंधक जावेद महमूद खां को दोषी माना गया है।

बोर्ड की ओर से इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मेरठ के डीएम को वक्फ अधिनियम की धारा 52 के तहत कब्जा खाली कराने और पुलिस को धारा 52(क) के तहत कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है।

वक्फ सैयद मोहम्मद की 1000 बीघा जमीन बोर्ड में है दर्ज
वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने बताया कि मेरठ के अब्दुल्लापुर में स्व. सैयद मोहम्मद वक्फ में करीब एक हजार बीघा जमीन 26 अप्रैल 1918 को वक्फ के खाते में दर्ज की गई थी। 10 बीघा जमीन पर तो विजय माल्या की शराब फैक्ट्री चलने का मामला सामने आया है। बाकी की जमीन खोजने के लिए बोर्ड जांच कराने जा रहा है।

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