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विधानसभा विशेष सत्र : बसपा विधायक ने योगी, बंसल की तारीफ की, मायावती को कोसा
Thu, 03 Oct 2019 08:56 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Thu, 03 Oct 2019 08:56 PM IST
सार
आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की
मुख्यमंत्री की तारीफ की, अफसरों की हकीकत भी बताई
मायावती को समझ नहीं, गलत नीतियों के कारण बसपा पिछड़ी
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विधानसभा विशेष सत्र
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
श्रावस्ती के भिनगा से बसपा विधायक मोहम्मद असलम राइनी ने बृहस्पतिवार को विधानसभा के विशेष सत्र में पहुंचकर ना केवल चौंका दिया बल्कि बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ मोर्चा भी खोल दिया।
राइनी ने प्रदेश सरकार के कामकाज के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शान में जमकर कसीदे पढ़े, तो भाजपा संगठन को मजबूत बनाने के लिए महामंत्री संगठन सुनील बंसल की तारीफ कर नई सुगबुगाहट को जन्म दे दिया। राइनी ने चुनाव में हार के लिए ईवीएम मे गड़बड़ी के मायावती के आरोपों को गलत ठहराते हुए कहा कि ईवीएम से कोई चुनाव नहीं जीत सकता है जो काम करेगा वह आगे बढ़ेगा।
राइनी ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में प्रदेश और केंद्र सरकार की योजनाओं की तारीफ की। वहीं राइनी ने जिलों में पुलिस, खनन सहित अन्य विभागों में हो रही गड़बड़ियों को भी उजागर करते हुए सुधार की गुंजाइश बताई। राइनी ने कहा कि 2002 में बसपा से चुनाव लड़ा था, उस समय लोग बसपा संगठन की तारीफ करते थे। लेकिन बसपा अब भटक गई है, गलत नीतियों के कारण अब पार्टी पिछड़ गई है।
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बसपा में जोनल इंचार्ज ही सब कुछ है, कार्यकर्ता संगठन से दूर हो गए हैं। बसपा में विधायकों की कोई कीमत नहीं है, कहा कि हमारी नेता समझती नहीं है कि पार्टी के केवल 18 विधायक हैं, उनकी राय भी ली जाए। राइनी ने कहा कि मैं सुनील बंसल को नहीं जानता हूं, लेकिन उन्होंने एक-एक बूथ पर भाजपा के कार्यकर्ता को शिक्षा दी है, इससे भाजपा बहुत आगे निकल गई है।
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राइनी ने प्रदेश सरकार के कामकाज के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शान में जमकर कसीदे पढ़े, तो भाजपा संगठन को मजबूत बनाने के लिए महामंत्री संगठन सुनील बंसल की तारीफ कर नई सुगबुगाहट को जन्म दे दिया। राइनी ने चुनाव में हार के लिए ईवीएम मे गड़बड़ी के मायावती के आरोपों को गलत ठहराते हुए कहा कि ईवीएम से कोई चुनाव नहीं जीत सकता है जो काम करेगा वह आगे बढ़ेगा।
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राइनी ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में प्रदेश और केंद्र सरकार की योजनाओं की तारीफ की। वहीं राइनी ने जिलों में पुलिस, खनन सहित अन्य विभागों में हो रही गड़बड़ियों को भी उजागर करते हुए सुधार की गुंजाइश बताई। राइनी ने कहा कि 2002 में बसपा से चुनाव लड़ा था, उस समय लोग बसपा संगठन की तारीफ करते थे। लेकिन बसपा अब भटक गई है, गलत नीतियों के कारण अब पार्टी पिछड़ गई है।
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बसपा में जोनल इंचार्ज ही सब कुछ है, कार्यकर्ता संगठन से दूर हो गए हैं। बसपा में विधायकों की कोई कीमत नहीं है, कहा कि हमारी नेता समझती नहीं है कि पार्टी के केवल 18 विधायक हैं, उनकी राय भी ली जाए। राइनी ने कहा कि मैं सुनील बंसल को नहीं जानता हूं, लेकिन उन्होंने एक-एक बूथ पर भाजपा के कार्यकर्ता को शिक्षा दी है, इससे भाजपा बहुत आगे निकल गई है।
जमीनी हकीकत भी बताई
राइनी ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में ही पुलिस सहित अन्य विभागों की जमीनी हकीकत भी बयां की। कहा कि श्रावस्ती में बालू का अवैध खनन जमकर जारी है। प्रमुख सचिव गृह से शिकायत के बाद उन्होंने देवीपाटन मंडल के मंडलायुक्त को जांच के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। सरकार ने एंटी भू माफिया टास्क फोर्स बनाया है, लेकिन विधायक होते हुए भी बलरामपुर और बाराबंकी में उनकी जमीन पर हुए कब्जे को खाली नहीं कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बहराइच में 24 साल के युवक की हत्या के आरोप में एक बेकसूर व्यक्ति को दरगाह थाना क्षेत्र के एचएचओ देवेन्द्र श्रीवास्तव ने थाने में बैठा लिया, उसे छोड़ने के लिए पांच लाख रुपये की मांग की। राइनी ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था में तत्कालीन मुख्यमंत्री बसपा की मायावती का डंडा चलता था, उसके बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का डंडा चल रहा है। उन्होंने कहा कि बेशक अपराध में कमी आई है, लेकिन मुख्यमंत्री को अपने डंडा लगातार चलाना होगा।
आजम के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लें
राइनी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय में शिक्षा की बहुत कमी है। समाज के एक व्यक्ति ने बच्चों की अच्छी तालीम के लिए एक विश्वविद्यालय खोला तो उस पर 86 मुकदमे कायम किए गए हैं। राइनी ने मुख्यमंत्री से आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की। राइनी ने कहा कि आजम खां भी इस सदन के सदस्य रहे हैं, मुख्यमंत्री को बड़े दिल से मुकदमे वापस फैसला करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बहराइच में 24 साल के युवक की हत्या के आरोप में एक बेकसूर व्यक्ति को दरगाह थाना क्षेत्र के एचएचओ देवेन्द्र श्रीवास्तव ने थाने में बैठा लिया, उसे छोड़ने के लिए पांच लाख रुपये की मांग की। राइनी ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था में तत्कालीन मुख्यमंत्री बसपा की मायावती का डंडा चलता था, उसके बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का डंडा चल रहा है। उन्होंने कहा कि बेशक अपराध में कमी आई है, लेकिन मुख्यमंत्री को अपने डंडा लगातार चलाना होगा।
आजम के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लें
राइनी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय में शिक्षा की बहुत कमी है। समाज के एक व्यक्ति ने बच्चों की अच्छी तालीम के लिए एक विश्वविद्यालय खोला तो उस पर 86 मुकदमे कायम किए गए हैं। राइनी ने मुख्यमंत्री से आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की। राइनी ने कहा कि आजम खां भी इस सदन के सदस्य रहे हैं, मुख्यमंत्री को बड़े दिल से मुकदमे वापस फैसला करना चाहिए।
विपक्ष को शामिल होना चाहिए
राइनी ने कहा कि विपक्ष को 36 घंटे के इस सदन में शामिल होना चाहिए था। विपक्ष के सदस्य सदन में आकर अपनी बात रखते और सरकार दस प्रतिशत बात पर ही सुनवाई करती तो भी जनता का भला होता। राइनी ने कहा कि विशेष सत्र में शामिल होने का फैसला उन्होंने अंतरआत्मा की आवाज से किया है। यदि वे विधानसभा के इस रिकार्ड में शामिल नहीं होते तो उन्हें दुख होता।
...जब में बसपा में था
बोलते हुए राइनी की जुबां फिसल गई, कहा कि जब में बसपा में था... मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों ने ठहाका लगाया तो बोले कि मैं आज भी बसपा में हूं। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने चुटकी लेते हुए कहा कि क्या पिछले सत्र से अब तक कई जगह होकर आए हो क्या?
राइनी ने विधायकों की निधि को 2 से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने, विधायकों को रियायती दर पर एक-एक विला दिलाने और वेतन बढ़ाने की भी मांग की। भाजपा के विधायकों ने भी मेज बजाकर राइनी की मांग का समर्थन किया। राइनी ने सरकार की शान में कसीदे पढ़ते समय कुछ संकोच किया तो विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि आप बोलिए. जब प्यार किया तो डरना क्या?
...जब में बसपा में था
बोलते हुए राइनी की जुबां फिसल गई, कहा कि जब में बसपा में था... मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों ने ठहाका लगाया तो बोले कि मैं आज भी बसपा में हूं। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने चुटकी लेते हुए कहा कि क्या पिछले सत्र से अब तक कई जगह होकर आए हो क्या?
राइनी ने विधायकों की निधि को 2 से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने, विधायकों को रियायती दर पर एक-एक विला दिलाने और वेतन बढ़ाने की भी मांग की। भाजपा के विधायकों ने भी मेज बजाकर राइनी की मांग का समर्थन किया। राइनी ने सरकार की शान में कसीदे पढ़ते समय कुछ संकोच किया तो विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि आप बोलिए. जब प्यार किया तो डरना क्या?